अपनी पत्नी की हत्या के लिए क्या क्या किया इस जवान ने

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1लोकल इंदौर 25 मार्च। अपनी पत्नी को जान से मार डालने के लिए उसने हत्या करने का सौदा किया ।घायल पत्नी को अस्पताल मे मारने के लिए ड्रिप में जीरीला इन्जक्शंन लगाया दिया । पत्नी के मरने के बाद बीमा क्लेम लेने के लिए पुलिस से खत्मा रिपोर्ट लेने के चक्कर मे वह पुलिस वाला खुद पुलिस के हत्थे चढ गया ।
ये कोई फिल्मी कहानी नही न ही किसी सनसनी खेज टीवी सीरियल की कहानी है। ये वो हकीकत है जो इंदौर में घटी ।
पुलिस उपमहानिरीक्षक इंदौर राकेश गुप्ता ने पत्रकारों को बताया कि एस.ए.एफ का आरक्षक लवकेश राजपूत जो आर.ए.पी.टी.सी. में ड्‌यूटी करता है पर 19 जनवरी रात उस समय अज्ञात लोगों ने जानलेवा हमला किया जब वे फिल्म देख कर आ रहे था। पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया गया लेकिन आरोपी नही मिले थे और उसकी घायल पत्नी जयन्ती बाई की इलाज के दौरान 24 जनवरी को मौत हो गई। बाद में जॉच के दौरान जो कहानी सामने आई एसके अनुसार लवकेश राजपूत ने ही सुपारी देकर अपनी पत्नी की हत्या कराई थी।
लवकेश राजपूत की वर्ष 1998 में नौकरी लगी थी, यह मूलतः (मेनवारा) ललितपुर का निवासी है, वर्ष 2003 में खरगापुर (टीकमगढ़) की जयन्तीबाई से इसकी शादी हुई थी। पिछले कुछ वर्षों से पति-पत्नी का संबंध ठीक नहीं था और रोज-रोज झगड़े होते थे। आरोपी आरक्षक का ममेरा भाई मनमोहन राजपूत भी इन्दौर में आकर लवकेश और उसकी पत्नी के साथ रहने लगा था, इसके कारण भी पति-पत्नी के बीच आपसी झगड़ा होता था। एक बार उक्त मनमोहन पुनः आरक्षक लवकेश के घर गेहूं लेकर आ गया, जिससे पुनः पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ, बाद में पति-पत्नी का राजीनामा भी हो गया था। इस बीच वैवाहिक विज्ञापन के द्वारा आरोपी लवकेश का बेगमगंज जिला रायसेन में रहने वाली एक महिला शिक्षिका से संपर्क हुआ और धीरे-धीरे इनकी नजदीकियां बढ़ने लगी और उस महिला के प्रेम में दीवाना होकर आरक्षक ने उस महिला से शादी करने का फैसला कर लिया, लेकिन इसकी राह में रोढ़ा बनने वाली अपनी पत्नी को रास्ते से कैसे हटाया जाये, इसके लिये योजना बनाने लगा और इसी सिलसिले में उसने प्रथम वाहिनी के पास राजश्री टेलर के राजू कुशवाह से चर्चा किया और सुपारी देकर हत्या का षडयंत्र रचा, राजू टेलर के द्वारा इस काम के लिये एक लाख रूपये की मांग की गई, जो 60,000/- रूपये में मामला तय हो गया, तब दोनों ने जाकर जगह का चुनाव किया और पोलो ग्राउण्ड रेल्वे गोडाउन के सामने की जगह घटना के लिये उपयुक्त मानकर उसको तय किया, इसके साथ-ही आरोपी आरक्षक ने अपनी पत्नी के नाम से एक एल.आई.सी. की पॉलिसी भी ले ली, ताकि पत्नी की हत्या के बाद आरक्षक आर्थिक लाभ ले सके। पूरी योजना बनाकर आरोपी लवकेश ने रूपये 40,000/- राजू टेलर को एडवांस के रूप में दे दिये। दिनांक 19 जनवरी की रात्रि में आरोपी योजनाबद्ध तरीके से अपनी पत्नी को लेकर मंगलसिटी में फिल्म दिखाने ले गया, जहां पर इन लोगों ने, फिल्म से निकलने पर आरक्षक लवकेश ने फोन से राजू टेलर को सतर्क कर दिया, कि हम अब निकल रहे हैं, इसके बाद पोलोग्राउण्ड तरफ जाने के स्वभाविक मार्ग से हटकर वह भागीरथपुरा तरफ से पत्नी को लेकर के गया, जहां नियत स्थान पर पहुंचकर उसने गाड़ी खड़ी करके वाथरूम के बहाने थोड़ी दूरी पर हट गया और इतने में आरोपी राजू टेलर अपने भांजा धर्मेन्द्र कुशवाह के साथ जो पहले से वहां खड़ा था जिन्होंने आरक्षक को पूर्व योजना अनुसार पैरों पर हल्के से मारा और गिरा दिया और महिला के सिर पर घातक प्रहार किया एवं मोटरसायकल लेकर भाग गये। महिला को घायल अवस्था में एमव्हायएच भर्ती कराया गया और आरक्षक लवकेश राजपूत की रिपोर्ट पर थाना बाणगंगा में लूट का मामला दर्ज कर लिया गया, इस प्रकार आरक्षक लवकेश ने फर्जी कहानी गढ़कर लूट की रिपोर्ट थाने में दर्ज करा दी ।
एमव्हायएच में ईलाज के दौरान महिला की हालत में जब सुधार होने लगा, तो लवकेश को चिन्ता होने लगी, कि महिला बच जायेगी, तब उसने राजू टेलर से संपर्क किया, तो उसने महिला की ड्रिप में इंजेक्शन के रूप में पानी डाल देने का सुझाव दिया, आरोपी आरक्षक ने ड्रिप में पानी इन्जेक्ट किया, लेकिन उससे कोई फर्क नहीं पड़ा, तब उसने फिर से राजू टेलर से संपर्क किया, तब राजू टेलर ने उसे गेहूं में डालने वाला जहरीला इंजेक्शन लाकर दिया, तब मौका देखकर आरोपी लवकेश ने नई ड्रिप लगाने के लिये रखी गई बॉटल में उस इंजेक्शन को इंजेक्ट कर दिया, जब वह बॉटल23 जनवरी को महिला को लगाई गई, तो उसके बाद उसकी तबियत बिगड़ने लगी, जिससे महिला को एमव्हायएच से सीएचएल अपोलो रेफर किया गया, जहां 24 जनवरी को उसकी मृत्यु हो गई। महिला की मृत्यु के बाद पुलिस की विवेचना चलती रही । बाद में आरोपी आरक्षक ने एलआईसी के क्लेम के लिये संपर्क किया, तो पुलिस की खात्मा रिपोर्ट की मांग की गई, इससे आरोपी के द्वारा थाने पर खात्मा रिपोर्ट के लिये जब संपर्क किया गया, तो उससे पुलिस को संदेह हुआ और बाद में अत्यन्त सूक्षमता से अनुसंधान करने पर इस अंधे कत्ल का खुलासा हुआ है।

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