अब बिना चीरा लगाये होगा मोटापे का इलाज -डॉ भंडारी

0
139

 

लोकल इंदौर ११ अक्तूबर .भविष्य में मोटापा कम करने की सभी सर्जरी रोबोटिक पद्धति द्वारा होगीं। इसमें मुंह के जरिये एक लेपरोस्क डाल कर पेट का आकार छोटा किया जाएगा। इससे शरीर पर किसी तरह का कोई निशान नही होगा। इसे लेप्रोस्कोपिक पद्धति कहा जाएगा।

यह बात विश्व मोटापा दिवस पर  बेरियाट्रिक सर्जरी के लिये देश के ख्यातनाम सर्जन डॉ मोहित भंडारी ने लोकल इंदौर से कही .  उन्होंने बताया कि  भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआऱ) के एक अध्ययन में  बताया गया है की भारत में अब तक गरीबी औऱ कुपोषण एक गंभीर समस्या थी लेकिन अब तेजी से बढ रहा मोटापा महामारी का रुप ले सकता है।अध्ययन के मुताबिक देश की सवा सौ करोड  आबादी में से करीब 13 फीसदी लोग मोटापे से पीडित हैं। उन्होंने बताया कि पश्चिम सभ्यता के चलते भारत में भी जंक फुड, फास्ट फुड, साफ्ट ड्रिंक्स, खान-पान की अनियमितता औऱ बदलती लाईफ स्टाईल की वजह से भारत में कई लोग मोटापे के शिकार हो रहे हैं। मोटापे की वजह से कई गंभीर बीमारियां लोगों के शरीर में घर कर रही है। इनमें ब्लड-प्रेशर, दिल की बीमारी, डायबिटिज, स्लीप एप्निया, जोडो का दर्द औऱ थायराइड जैसी कई जानलेवा बीमारी होती है। औसत से ज्यादा मोटापे की वजह से यह बीमारियां खुद-ब-खुद चली आती हैं। यही वजह है कि मोटापा जानलेवा साबित हो जाता है।

उन्होंने (डबल्यूएचओ )यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन के का हवाला देते हुए बताया कि फिलहाल देश में इस बीमारी से पीडित मध्यम औऱ निम्न मध्यमवर्गीय 80 फीसदी लोगों की मौत हो जाती है औऱ यह आंकडा 2016 से 2030 के बीच दोगुना हो जाएगा।

उन्होंने बताया कि एक महत्वपूर्ण अध्ययन के मुताबिक देश की सवा सौ करोड  आबादी में से करीब 13 फीसदी लोग मोटापे से पीडित हैं। कुपोषण के मुकाबले मोटापा आने वाले दिनों में एक गंभीर चुनौती के रुप में सामने आयेगा। पश्चिम सभ्यता के चलते भारत में भी जंक फुड, फास्ट फुड, साफ्ट ड्रिंक्स, खान-पान की अनियमितता औऱ बदलती लाईफ स्टाईल की वजह से भारत में कई लोग मोटापे के शिकार हो रहे हैं। मोटापे की वजह से कई गंभीर बीमारियां लोगों के शरीर में घर कर रही है। इनमें ब्लड-प्रेशर, दिल की बीमारी, डायबिटिज, स्लीप एप्निया, जोडो का दर्द औऱ थायराइड जैसी कई जानलेवा बीमारी होती है। औसत से ज्यादा मोटापे की वजह से यह बीमारियां खुद-ब-खुद चली आती हैं। यही वजह है कि मोटापा जानलेवा साबित हो जाता है।

 

क्या है बेरियाट्रिक सर्जरी-

बहुत ज्यादा मोटे लोग जो चल नही पाते, सांस लेने में तकलीफ होती हो, ब्लड प्रेशर की बीमारी हो, डायबिटिज हो ऐसे लोगो की परीक्षण के बाद बेरियाट्रिक सर्जरी की जाती है। यह सर्जरी तीन तरह की होती है। पहला होता है कि यदि कोई व्यक्ति ज्यादा खाना खा रहा होता है तो उसकी डाईट को कम करने के लिये यानी पेट को छोटा करने के लिये रेस्ट्रिक्टिव सर्जरी, दूसरी है माल एक्जाप्टिव सर्जरी। इसमें शरीर में खाना जा रहा होता है लेकिन वह पच नही पाता और तीसरी तरह की मेटाबालिक सर्जरी। यह सर्जरी डायबिटिक मरीजों की की जाती है। ये तीनों तरह की सर्जरी बेहद सफल है।

कैसे होती है बेरियाट्रिक सर्जरी-

डॉ भंडारी बताते है बेरियाट्रिक सर्जरी लायपोसेक्शन सर्जरी नही है। यानी शरीर के किसी भी सर्फेस से फेट नही निकाला जाता बल्कि पेट के अनवांटेड साईज को कम कर या पाचन तंत्र को ठीक कर किया जाता है। साथ ही सर्जरी के जरिये बहुत से हार्मोनल बदलाव भी करते हैं। यह सर्जरी बेहद सुरक्षित है। भारत में यह सर्जरी करने वाले मोहक बेरियाट्रिक्स एंड रोबोटिक्स की टीम ने इसकी विशेष ट्रेनिंग फ्रांस के प्रतिष्ठित संस्थान से ली है।

मोटापे से मुक्ति का क्या इलाज है सर्जरी 

डॉ मोहित कहते है कि सर्जरी ही मोटापे का इलाज है .मोटापे की इंटरनेशनल आर्गनाईजेशन औऱ मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया के मुताबिक गंभीर मोटापे का इलाज सर्जरी ही है। क्लास वन ओबेसिटी ऐसी है जिसका मेडिकली इलाज संभव है लेकिन क्लास-2 औऱ क्लास-3 ओबेसिटी का इलाज सिर्फ औऱ सिर्फ सर्जरी यानी बेरियाट्रिक सर्जरी ही है। इसमें जो भी मरीज बॉडी मास इंडेक्स 32.5 के उपर है और उनमें डायबिटिज, हाईपरटेंशन औऱ स्लीप एप्निया जैसी गंभीर बीमारी है उनकी सर्जरी की जा सकती है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here