अमिताभ बच्चन का जादू नहीं चल पाया इंदौर में 

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लोकल इंदौर .विशेष .     फिल्मी दुनिया के मशहूर सितारे अमिताभ बच्चन की आवाज का जादू भले ही सारी दुनिया में चलता हो मगर इंदौर में उनकी आवाज का जादू नहीं चल पाया है. इंदौर की शान कहे जाने वाले होलकर घरानों का राजवाड़ा इंदौर फिल्मी दुनिया की मशहूर हस्ती अमिताभ बच्चन की आवाज से शाम को गूंज उठता है ,लेकिन अफसोस की बात तो यह है की मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा शुरू किए गए इस लाइट एंड साउंड कार्यक्रम में अमिताभ की आवाज को सुनने वाले ही नहीं पहुंच रहे हैं। मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम ने इंदौर और मालवा के इतिहास पर आधारित करीब 45 मिनट का यह लाइट एंड शो कार्यक्रम मुंबई की एक कंपनी से रिकॉर्ड करवाया  है ।अपने निर्धारित समय से तकरीबन 2 साल भर के बाद शुरू हुए इस कार्यक्रम को उतना रिस्पांस नहीं मिल पाया जितनी की उम्मीद की जा रही थी ।इस शो की स्क्रिप्ट इंदौर के ही डॉक्टर मंगल मिश्रा डॉक्टर अनिल भंडारी और प्रोफेसर डॉक्टर जगदीश चंद्र उपाध्याय ने लिखी है चूँकि शो के एंकर अमिताभ बच्चन है और उन्हीं की आवाज में इसे साकार किया गया है। अमिताभ बच्चन की आवाज में राजवाड़ायूं गूंजता है –
गिर गिर के फिर उठा हूं ,इस पाक जमी से ।
शोलों  ने कर दिया था मुझे राख की ढेरी।
जाबांजों ने अपने लहू से खींचा है मुझे, 
तूफां भी ना मिटा पाएंगे हस्ती कभी मेरी 
इस पूरे शो को दिल्ली की कंपनी इंटीग्रेटिड डिजिटल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड ने तैयार किया है जिसमें जिसमें प्रातः स्मरणीय देवी अहिल्याबाई होल्कर से लेकर यशवंतराव होलकर और तुकोजीराव द्वितीय तक को पिरोने की कोशिश की गई है इस सो को शुरु करने से पहले ही तमाम कानूनी अड़चने भी आने लगी थी इंदौर के ही एक राजघराने के वंशज श्रीकांत जमीदार ने भी इसकी स्थिति को लेकर कोर्ट में यह कहा था कि उनके पूर्वजों को शामिल नहीं किया गया है हालांकि वह मामला अभी कोर्ट में ही चल रहा है इधर इंदौर के अनेक पुरातत्व संबंधी लोगों का कहना है कि लाइट एंड साउंड कार्यक्रम से प्राचीनतम राजवाड़े को कुछ क्षति भी हो सकती है हालांकि इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है लेकिन इतना जरूर है कि बॉलीवुड के शहंशाह कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन की आवाज इंदौर के वासियों को रास नहीं आई और इंदौर में शुरू किया गया लाइट एंड साउंड कार्यक्रम उतना लोकप्रिय नहीं हो सका जितना की उम्मीद की जा रही थी.टूरिज्म विभाग के अनुसार यहाँ तैनात कर्मचारी और उनका एनी व्यय भी नही निकल रहा है . ये शो हिंदी और अंगरेजी दोनों में है , हिंदी में तो दर्शक मिल जाते है मगर अंगरेजी का शो तो अनेक बार दिखया ही नही जाता क्योंकि दर्शक ही नही होते .
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