इंदौर की जिला जेल में देश की पहली आंगनवाडी

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aganwadiलोकल इंदौर 15 अप्रैल । कहते है माँ – बाप के कर्मो की सजा बच्चो को भुगतनी पड़ती है और ये बात उन बच्चों पर सटीक बैठती है जिन बच्चों का जन्म जेल में हुआ है या उन बच्चों पर जिन्हें जन्म के बाद अपनी माँ के साथ जेल में रहना पड़ता है। लेकिन अब मध्यप्रदेश महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ऐसे ही बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इंदौर की जिला जेल में देश की पहली आंगनवाडी का आज से शुभाम्भ किया है।
जेल परिसर में बने देश के प्रथम आंगनवाडी के माध्यम से जेल में जन्मे बच्चो को कुपोषण से मुक्त करने के लिए आहार दिया जायेगा। साथ ही इन बच्चो को खेल खेल में पढाया भी जायेगा। जेल में जन्मे इन बच्चो को कुपोषण से मुक्ति दिलाने और पढ़ाने का बीढा मनु मेमोरियल शिक्षण समिति नामक संस्था ने उठाया है। ये संस्था पिछले ९ वर्षो से इंदौर की जिला जेल परिसर में ऐसे ही बच्चो को पढ़ाने के लिए प्री-प्राइमरी स्कूल का सञ्चालन भी कर रही है। यह आंगनवाडी महिला एव बाल विकास विभाग एवम सामाजिक संस्था के साथ ही जनसहयोग चलेगी

इंदौर की जिला जेल में किसी न किसी अपराध की सजा काट रही महिलायों के मासूम बच्चो के भविष्य को ध्यान में रखक नई पहल के साथ आँगनवाडी का शुभारम्भ मध्यप्रदेश की महिला एवं बाल विकास मानती रंजना बघेल ने किया है। जेल में जन्मे बच्चे न अब कुपोषण के शिकार होंगे और न शुरूआती तौर पर अशिक्षित रहेंगे। क्योंकि अब शहर और गाँव के दुसरे इलाको के साथ साथ इंदौर की जिला जेल में भी आंगनवाडी होंगी। यहाँ भी बच्चो को कुपोषण से मुक्ति के लिए आहार दिया जायेगा और प्रारंभिक शिक्षा के लिए खेल खेल में पढना भी सिखाया जायेगा। इस आगंवाडी का बिढा उठाया है मनु मेमोरियल शिक्षण समिति नामक संस्था ने जो पिछले ९ वर्षो से इसी जेल परिसर में इन छोटे छोटे मासूम बच्चो को पढ़ा रही है। मनु मेमोरियल शिक्षण समिति की सचिव विनीता तिवारी ने बताया की अब तक संस्था ने १ १ ३ बच्चों को इसी जेल परिसर में पढाया है। इस आंगनवाडी का नाम कान्हा रखा गया है जिसका कारण भी यह हैं की जेल में एक बच्चे का जन्म हुवा जिसका नाम कान्हा है। वह भी इसी आंगनवाडी में आ रहा हैं इसी लिए यह नाम रखा महिला बाल विकास अधिकारी विशाल नाडकर्णी ने बताया की महिला बाल विकास विभाग से संस्था ने जेल में आंगनवाडी खोलने की अपील की थी जिस पर हमने जन सहयोग से आंगनवाडी शुरू की हैं उन्होंने आंगनवाडी के नाम कान्हा पर कहा की जिस तरह भगवान् कृष्ण ने जेल में जन्म लिया था और उनका नामम कान्हा रखा वेसे ही जेल में जन्मे कान्हा के नाम पर इस जेल की आंगनवाडी का नाम रखा हैं फिलहाल ६ मासूम बच्चे अपनी अपनी सजायाफ्ता माँओ के साथ इस जेल में रह रहे है। फिलहाल इस आंगनवाडी का संचालन जनसहयोग से किया जायेगा।

इंदौर जेल की यह आंगनवाडी प्रदेश की मॉडल आंगनवाडी बन्ने जा रही हैं महिला और बाल बिकास मंत्री रंजना बघेल ने कहा की जल्द ही प्रदेश की अन्य जेलों में आंगनवाडीया शुरू की जाएगी जेल अधीक्षक और जेल प्रशाशन भी इस आंगनवाडी से काफी खुश हैं आंगनवाडी निर्माण में जेल के केदियो ने श्रम कर इसका भवन तैयार किया और झूले , फिसलपट्टी और बच्चो के लिए बगीचा कैदियों ने बनाया

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