इंदौर में खो-खो के बहाने ताई का धोबीपछाड़ दाव !

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लोकल इंदौर १२ फरवरी .(कीर्ति राणा)भाजपा की स्थानीय राजनीति में तो ताई का यह फ़ैसला चौंकाने वाला ही है कि उनकी जगह अब ललित पोरवाल मध्यभारत खो खो एसोसिएशन के अध्यक्ष होंगे।अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का होता है। पिछले छह साल से सुमित्रा महाजन अध्यक्ष थीं, लोकसभा अध्यक्ष के रूप में अति व्यस्त रहने जैसा कारण बताते हुए उन्होंने ललित को अध्यक्ष घोषित किया है।हांलाकि ललित अभी संघ में उपाध्यक्ष हैं लेकिन किसी ग़ैर महाराष्ट्रीयन को अध्यक्ष के लिए उपयुक्त पाना, ताई के मिज़ाज से वाक़िफ़ लोगों के गले नहीं उतर रहा है। वह भी तब जब इसी साल विधानसभा चुनाव भी होना है।
मध्यभारत खो खो एसो का कार्यक्षेत्र दस से अधिक जिलों में फैला है।इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों के साथ ही ग्वालियर जिला भी एसो के कार्य क्षेत्र में शामिल है। नवनियुक्त अध्यक्ष ललित पोरवाल कितने पॉवरफुल होंगे इसे यूँ समझा जा सकता है कि बीते वर्ष इंदौर में मभाखोखो एसो ने एशियन देशों की चैंपियनशिप आयोजित की थी, क़रीब दो करोड़ रुपया इस पर खर्च हुआ था । केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर, महेश शर्मा, मुख्यमंत्री चौहान सहित अन्य अतिथियों का आना हुआ था।अब जबकि प्रधानमंत्री मोदी के ‘खेलो इंडिया’ योजना में खो खो और कबड्डी को भी सम्मिलित कर लिया गया है तो ताई के गृहक्षेत्र वाला यह खो खो संगठन और पॉवरफुल होना ही है क्योंकि ताई अब इस संगठन की संरक्षक हो गई हैं।
हैप्पी वांडरर्स ग्राउंड पर इस संगठन की गतिविधियाँ संचालित होती हैं जहाँ आज इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा जिम भवन का लोकार्पण भी सुमित्रा महाजन ने किया है।  यह भवन लगभग 35 लाख की लागत से बनाया गया है, इसमे सांसद चंदन मित्रा का भी सहयोग रहा है।
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तब ताई ने ही दुकान बचाई और इस 
बार भी भाग्योदय उन्हीं से हुआ 
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यह भी ग़ज़ब संयोग है कि 90 के दशक में जब महापौर निवास के सामने वाले मुख्यमार्ग पर ललित की पोरवाल ट्रेवल्स के नाम से गुमटी थी और अवैध अतिक्रमण के तहत यहाँ से दुकानें हटाईं गईं थी तब ताई के प्रयासों से ही उन्हें गुमटी के बदले झाबुआ टावर के समीप जगह मिली थी। अभी भी एसो अध्यक्ष के पद पर बैठा कर ताई ने ही उनका भाग्योदय किया है। जब ललित पोरवाल पार्षद थे उस परिषद में सुमित्रा महाजन एल्डरमेन नामांकित की गई थी।
जिले के सबसे छोटे तीन नंबर विधानसभा क्षेत्र पर भाजपा के कई दावेदारों की नज़र लगी है। अब ताई की इस मेहरबानी के बाद ललित पोरवाल का नाम भी जुड़ गया है। पूर्व पार्षद और प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष यूँ भी लंबे समय से पदविहीन थे। खो खो एसोसिएशन का अध्यक्ष बनने के बाद उनमें शक्ति संचार होना स्वाभाविक है।
तीन नंबर क्षेत्र से संभावित भाजपा प्रत्याशियों में ताई के पुत्र और बहू के नाम भी चर्चा में हैं। वैसे तो पार्टी गाइड लाईन विधायक-सांसद केपुत्रों-परिजनों को टिकट नहीं देने की है लेकिन विशेष परिस्थितियों में नियम शिथिल किया भी तो तीन नंबर से ललित वैसी परिस्थिति में दावेदारी से पीछे हट सकते हैं जब महाजन परिवार से किसी का नाम फायनल हो, यदि किसी ऐसे दावेदार को के नाम पर विचार किया गया जिससे ताई की पटरी नहीं बैठती है तो ख़ुद ताई खेमा ललित का नाम प्रस्तावित करने का दाव भी चल सकता है।यह खेमा किसी अन्य का नाम प्रस्तावित करेगा तो ताई के इस अहसान के कारण सहमति देना पोरवाल की मजबूरी भी हो जाएगी।
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ताई ने प्रस्ताव रखा, सबने कहा हां, हां 
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जिम भवन लोकार्पण के दौरान ही मभा खो खो एसोसिएशन की साधारण सभा भी हुई।व्यस्तता के चलते ताई ने अध्यक्ष पद छोड़ने की पेशकश केसाथ ही इस पद के लिए ललित पोरवाल के नाम का प्रस्ताव रखा। चूँकि ताई ऐसा चाहती हैं तो बैठक में विरोध कौन करे।सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर से पोरवाल के नाम पर सहमति दे दी।एसोसिएशन में अध्यक्ष के अलावा ४ उपाध्यक्ष, एक महामंत्री, २ मंत्री, १० कार्यसमिति सदस्य होते हैं।सभी ने संरक्षक पद के लिए ताई से अनुरोध किया जिसे उन्होंने मंजूर कर लिया।

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