इंदौर में टीचर्स के सम्मान में उतराई कालेज के स्टूडेंट से

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लोकल इंदौर .”टीचर्स के सम्मान में अपनी पेंट-शर्ट उतार। मैंने डर के मारे शर्ट उतार दी तो वे पैंट उतारने का बोले। मैंने पैंट उतारने से मना किया तो जमकर पीटा, जिससे मेरे नाक-मुंह से खून बहने लगा। इसी बीच कॉलेज स्पोर्ट्स टीचर और पलोट सर ने बीच-बचाव किया। मैं बहुत डर गया था। इसलिए सीधे छत्रीपुरा थाने चला गया। वहां से पुलिस वाले मेरे साथ कॉलेज गए। उन्हें देखकर वो लड़के भाग गए। प्रिंसिपल सर को भी पुलिसवालों ने पूरी घटना बताई। प्रिंसिपल सर ने मुझे समझाया कि रिपोर्ट मत करो कॉलेज की बदनामी होगी। मैं उन लड़कों को 10-10 चांटे मारूंगा और अपना मोबाइल नंबर देते हुए बोले कि कुछ भी बात हो तो मुझे कॉल करना।

ये उस पत्र के अंश है जिसे लिखने के बाद एक कॉलेज में हुई रैगिंग से परेशान होकर एक छात्र नोट छोड़कर घर से चला गया था . राजमोहल्ला निवासी विनोद सिंह पंवार शुक्रवार सुबह छत्रीपुरा थाने पहुंचे।उन्होंने बताया उनका 21 वर्षीय पुत्र शिवम लापता है। बाद में लापता छात्र  शिवम को रेलवे स्टेशन  प्लेटफार्म पर पुलिस ने खोज निकला .

उसने आगे पत्र में बताया पुलिस वाले बार-बार मुझे मेडिकल और रिपोर्ट करवाने को बोल रहे थे। प्रिंसिपल की वजह से मैंने रिपोर्ट नहीं की और घर आ गया। पापा मेरे कान में कुछ सुनाई नहीं आ रहा है। मारपीट की वजह से मेरा मन किसी चीज मे नहीं लग रहा है। फिर भी मैं कल डरते-डरते कॉलेज पहुंचा। कॉलेज के पहले ही उन लडकों ने मुझे फिर से घेर लिया और पीटा। कहा कि तू रिपोर्ट करने गया था। पुलिस हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती और प्रिंसिपल भी। तेरी इच्छा हो तो प्रिंसिपल को बोल दे। हम गाड़ी अड्डे रहते हैं। मैंने प्रिंसिपल जी को उनके फोन पर कॉल किया, तो उन्होंने मेरा फोन काट दिया। इस बात पर उन लड़कों को और गुस्सा आ गया। इसी बीच एक लड़का सिगरेट पी रहा था, जिसने मुझे भी सिगरेट पीने को कहा। मैंने मना किया तो मुझे जमकर पीटा। चार-पांच लड़कों ने मेरे हाथ-पांव और एक ने मेरे बाल पकड़ लिए। मेरी पीठ पर सिगरेट से कई जगह दागा। पापा मैं बहुत टूट चुका हूं। आपके मना करने के बाद भी, मैंने उस कॉलेज में एडमिशन लिया। मुझे नहीं पता था कि इस कॉलेज में इतनी गुंडागर्दी होती है। इस जन्म में मैं आपके सपनों को पूरा नहीं कर पाऊंगा।

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