ग्रामीणों की जिदंगी में बदलाव वित्तीय समावेशन से ही

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लोकल इंदौर 12 जुलाई।रिजर्व बैंक क्षेत्रीय निर्देशक श्री रविमोहन ने आज कहा कि मध्यप्रदेश के ग्रामीणों की जिदंगी में बदलाव लाने में वित्तीय साक्षरता, वित्तीय समावेशन के कार्यक्रम जरूरी है।
वे शुक्रवार को नर्मदा झाबुआ ग्रामीण बैंक द्वारा नाबार्ड के 31वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संगांधित कर रहे थे। उन्होंने
वित्तीय साक्षरता, वित्तीय समावेशन की नर्मदा झाबुआ ग्रामीण में स्थिति पर संतोश व्यक्त किया गया तथा वित्तीय समावेशन के माध्यम से होने वाले दुरगामी परिणामों के बारे में जानकारी प्रदान करते हुए कम लागत जमा बढने से होने वाले लाभों की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों द्वारा नर्मदा झाबुआ ग्रामीण बैंक के स्वयं सहायता समूहों का ऋण संयोजन एवं ग्राहकों हेतु एटीएम कार्ड का प्रतीकात्मक वितरण किया गया।

प्रारम्भ में स्वागत भाषण में बैंक के महाप्रबंधक श्री वेसुकर द्वारा ग्रामीण बैंकों की उपयोगिता व नाबार्ड से मिलने वाली सहायता के बारे में जानकारी दी ।इस अवसर पर बैंक की गृह पत्रिका ‘स्पंदन का अनावरण अतिथियों के हाथों सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में बैंक की सहाभागी प्रियसखी महिला संघ, इन्दौर की सुश्री आरती कुशवाह द्वारा महिला संघ के बारे में जानकारी दी गई एवं स्वयं सहायता समूह के सदस्यों एवं उनके बच्चों के द्वारा रंगारंग नृत्य की प्रस्तुती दी गई ।अन्त में आभार प्रदर्शन श्री ज्योति कुमार जैन के द्वारा किया गया।

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