जहां ज्यादा भरोसा था वही डूबी लुटिया कांग्रेस की

0
165

haatलोकल इन्दौर| जिस मालवा-निमाड पर कांग्रेस को सबसे ज्यादा भरोसा था वही उसकी लुटिया डूब गई. कांग्रेस भाजपा को यहाँ नुकसान तो नहीं पहुंचा पाई वरन खुद की सीटे भी गँवा बैठी. 2008 में जहाँ इस अंचल में कांग्रेस के पास 24 सीटे थी 2013 में सिर्फ 09 रह गई.पिछले 23 सालों के इतिहास में कांग्रेस का यह सबसे खराब प्रदर्शन रहा.वही भाजपा ने 56 सीटे जीत कर मालवा-निमाड के किले को मजबूत कर लिया.

2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के लोगों की निगाहें मालवा निमाड की 66 सीटों पर थी. जब जब भी इस प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा की सरकार बनी उसमें इस अंचल का विशेष योगदान रहा है. जो भी दल इस अंचल में अपनी जीत दर्ज कराया. वह सत्ता का सुख जरुर उठाया है. इस बार भी कांग्रेस को उम्मीद थी कि वह 2008 से भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए आधे से भी ज्यादा सीटे जीत कर दस साल का वनवास खत्म करेगी. सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी सहित कई दिग्गज नेताओं की सभाएं कांग्रेस ने यहाँ कराई लेकिन मोदी की दो दिन में हुई छह सभाओं और शिवराज सिंह की जन आशीर्वाद यात्रा ने परिदृश्य ही बदल दिया.भाजपा ने 41 सीटों का आंकडा बढते हुए 56 कर लिया. वही कांग्रेस दो अंकों (24) से घट कर एक अंक (09) में आ गई. यही नहीं जिस आलीराजपुर-झाबुआ-धार की 12 सीटो में कांग्रेस सबसे ज्यादा मजबूत दिखाई दे रही थी. वही उसे मुँह की खानी पडी.आलीराजपुर और झाबुआ जिले की पांच सीटों में एक भी कांग्रेस नहीं जीत सकी. वही धार के सात सीटों में से कांग्रेस को सिर्फ दो सीटों से ही संतोष करना पडा. जबकि पिछले चुनाव में भाजपा को महज तीन सीटों से ही संतोष करना पडा था.

उज्जैन, रतलाम, शाजापुर देवास,नीमच,बुरहानपुर,खंडवा और आगर जिले की 31 सीटों में कांग्रेस का सुपडा साफ हो गया. इन जिलों की सीटों में कांग्रेस खाता भी नहीं कोल पाई.वही भाजपा ने कांग्रेस की गढ माने जाने वाली सैलाना,इन्दौर-तीन,शाजपुर सीटों पर भी कब्जा जमा लिये. जहाँ कांग्रेस लगातार जीत दर्ज कराती आ रही थी.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here