देश में पहली बार कुपोषित बच्चों को आयुर्वेद से हष्टपुष्ठ बना रहा है महिला बाल विभाग

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इंदौर 11 जून । देश में  पहली बार कुपोषित बच्चों को आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के सहारे उन्हें हष्टपुष्ठ बनाने का  सफल प्रयोग इंदौर में बाल एवं महिला कल्याण विभाग ने किया है ।ग्रामीण क्षेत्रों में सफलता के बाद इसे आज से शहर के बच्चों पर आजमाया जा रहा है ।
महिला एवं बाल विकास विभाग इंदौर  के प्रमुख विशाल नाडकर्णी ने आज लोकल इंदौर को बताया कि यह अपने आप में अनोखा और देश का पहला प्रयास था । उनके अनुसार विभाग ने  जिन कुपोषित और कम बजन के  बच्चों को खोजा था उन्हे शासन ने डबल खुराक देने के निर्देश दिए थे ताकि उन बच्चों को बजन बढ़ सके । लेकिन इन बच्चों की हालत ये थी कि ये अपनी सामान्य खुराक ही नही खा पाते थे । नाडकर्णी ने बताया कि ऐसे में हमने आयुर्वेद चिकित्सा प्रणाली का सहारा लिया और महू के ग्रामीण इलाके के 68 बच्चों पर ये प्रयोग शुरू किया । इसके तहत आयुर्वेद तेल की मालिश  की । इससे इन बच्चों को रक्त संचार बढा और मलिश के बाद रोज नहलाने से ये अन्य बिमारियों से भी मुक्त हुए । लीवर की क्षमता बढी और इच्चों की भूख भी बढी ।
उन्होने बताया कि 28 मे से 15 बच्चों की तो ग्रेड ही बदल गई ।उनके इस प्रयोग को स्वास्थ्य मंत्री महेन्द्र हार्डिया ने भी सराहा और करीब 40 हजार का तेल और अन्य समाग्री मुहैया कराई । उसके बाद आज से इंदौर शहर के 40 कुपोषित बच्चो पर ये प्रयोग किया जा रहा है । जिला अस्पताल में इनकी मालिश शुरू की गई है । नाडकर्णी कहते है मालिश के लिए बच्चो के परिवार को ही प्रशिक्षित किया जा रहा है ।

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