पठानों की लड़ाई में फूल गए पिंजारे… गुस्ताखी माफ़

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लड़ रहे थे पठान और फूल गए पिंजारे वाली कहावत नगर निगम में एमआईसी में विभाग बदले गए, पार्षद राजेन्द्र राठौर पर लागू हो रही है। स्वच्छता अभियान के बीच ही क्षेत्र क्रमांक 2 के दादा दयालु और क्षेत्र क्रमांक 4 की भाभी के बीच देवर भाभी जैसी नोंकझोंक शुरू होने के साथ ही दयालु जी ने अपने बच्चों को अलग कर पूरी विरासत भाभी जी को देकर नमस्ते कर लिया। जाहिर सूचना भी जारी हो गई। 2 नंबर क्षेत्र नगर निगम में नहीं आएगा। इधर आराम का जीवन बिता रहे दोनों बच्चें बैठे बिठाए इस लड़ाई के शिकार हो गये। चंदू राव शिंदे और राजेन्द्र राठौर जो शहर के नेता होते थे, धीरे-धीरे वापस क्षेत्र के नेता हो गए। एक दो बार उच्च स्तरीय प्रयास भिया ने भी किये, परंतु बाल हठ के चलते मामला नहीं सुलझता देख उन्होंने अपनी गठरी वापस बांध कर आले में रख दी और मन में सोचा मस्त रहो मस्ती आग लगे बस्ती में समझाने के बाद भी कभी चिलमन से वो देखें और कभी चिलमन से हम देखें तो आग लगा दो ऐसी चिलमन से न वो देखें न हम देखें। भाभी अपने घर खुश देवर अपने घर खुश, भिया अपने घर खुश अब चंदू और नंदू खुश है या नहीं यह तो राम जाने।

ये कांग्रेस की संस्कृति का परिचय …

कांग्रेस के कुछ नेताओं ने रेलवे स्टेशन पर होर्डिंग लगा दिये हैं कि 28 तारीख को पूरी ताकत के साथ वे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। इसलिए कोई भी शरीफ आदमी अपने परिवार के साथ आरक्षण करवाकर यात्रा में जा रहा हो तो हमारे चरित्र को देखते हुए वह आरक्षण रद्द करवा ले, क्योंकि हमारी संस्कृति के बारे में बताने की जरूरत नहीं है। ऐसा लग रहा है जैसे इस दिन किसी शरीफ को यात्रा नहीं करना चाहिए, पर इस मामले में रेल विभाग के पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि यदि बिना रिजर्वेशन किसी भी डब्बे में कांग्रेसियों ने घूसने की कोशिश की तो वो जुलूस अखाड़ा निकलेगा कि मुकदमों से निपटने में ही समय लग जाएगा। अब जो भी लोग चव्वनी अठन्नी नेताओं के साथ मुफ्त में दिल्ली जाने की तमन्ना रख रहे हो, वे साथ में जेल जाने की तमन्ना भी बरकरार रखें। शायद आपकी दोनों इच्छाएं हो जाएगी। नवनीत शुक्ला 

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