बेदम निकला दावा कैलाश का 10 स्टार प्रचारकों का लिया सहारा

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लोकल इंदौर 26 नवम्बर। प्रदेश के कद्दावर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भले ही रिकॉर्ड मतों से जीतने का दावा कर रहे हैं लेकिन हकीकत में हालात ठीक नहीं है। मंत्री को खुद शायद अपनी जीत का भरोसा नहीं है तभी तो सबसे ज्यादा दस स्टार प्रचारकों  की महू में सभाएं करवाईं हैं। खुद भी परिवार सहित दिन-रात जनसंपर्क में जुटे रहे। उन्होंने दावा किया था कि पर्चा भरने के बाद वे मालवा-निमाड़ की कमजोर सीटों पर ध्यान देंगे।
जिले की महू विधानसभा पर पूरे प्रदेश की नजर है। यहां से भाजपा के दिग्गज नेता और कैबीनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि वे यहां से 2008 में जीते थे लेकिन तब और अब के हालात में काफी फर्क है। पिछला चुनाव तो वे जैसे-तैसे जीत गए थे लेकिन इस बार उनके लिए मैदान मारना कठिन हो गया है। इसका अंदेशा खुद श्री विजयवर्गीय को भी था तभी तो वे यहां से चुनाव लडऩे से बच रहे थे। एनवक्त तक उनकी इच्छा इंदौर-3 से लडऩे की थी। हालात कुछ ऐसे बने कि उन्हें महू से ही चुनाव लडऩे को राजी होना पड़ा। नामांकन भरते समय उन्होंने ऐलान किया था कि मैं महू सिर्फ भरने के लिए आउंगा। कार्यकर्ता मेरा चुनाव लड़ेंगे और मैं मालवा निमाड़ की कमजोर सीटों पर काम करुंगा। उनका यह दावा पूरी तरह खोखला साबित हुआ। वे नामांकन भरने के बाद महू से निकले ही नहीं। केवल नरेंद्र मोदी की सभा के लिए दशहरा मैदान आए। महू क्षेत्र में न सिर्फ श्री विजयवर्गीय पूरे समय जनसंपर्क में जुटे रहे वरन उनका पूरा परिवार प्रचार करता देखा गया।
नेताओं की फौज झोंक दी-
मंत्री भले ही यह कहते रहे कि महू में किसी की जरूरत नहीं है लेकिन पूरे प्रदेश में सबसे अधिक भाजपा के स्टार प्रचारक महू पहुंचे। सुषमा स्वराज, उमा भारती, शत्रुघ्न सिन्हा, वैंकया नायडू, अनंत कुमार, शिवराज सिंह चौहान, नजमा हेपतुल्ला, हेमामालिनी, नवजोत सिंह सिद्धू एवं स्मृति ईरानी इत्यादि ने महू में श्री विजयवर्गीय के समर्थन में सभाएं कीं। जबकि इतने नेताओं की सभाओं की जरूरत सांवेर, इंदौर-3, देपालपुर एवं इंदौर-5 में थी। हार की आशंका से घबराए श्री विजयवर्गीय ने हर स्टार प्रचारक की सभाएं अपने क्षेत्र में करवा दी। वे तो उनका बस नहीं चला नहीं तो महू में श्री मोदी की सभा भी करवा लेते।
भाई, बेटे, बहू सब तैनात-
महू में श्री विजयवर्गीय के भाई हरीश विजयवर्गीय एवं विजय विजयवर्गीय किला लड़ाते रहे। उनके दोनों पुत्र आकाश एवं कल्पेश ने भी अपनी टोलियों के संग गांव-गांव प्रचार किया। इतना ही नहीं उनकी पुत्र वधु सोनम भी महिला मोर्चा के साथ अपने ससुर को वोट दिलाने की अपील करती रहीं। इंदौर-2 के कई कार्यकर्ता भी उनके लिए महू में पूरे समय तैनात रहे। जिस सीट को मंत्री ने सबसे आसान बता कर यह कहा था कि मछली यानी श्री दरबार फंस गई है वह सीट अब उनके लिए बहुत बड़ा संकट नजर आ रही है। वर्तमान हालात को देखकर लगता है यहां श्री दरबार नहीं श्री विजयवर्गीय फंस गए हैं। उन्हें यदि जीत का भरोसा होता तो वे परिवार को मोर्चा पर लगाने के साथ ही के साथ ही इतने नेताओं की सभाएं नहीं करवाते। भतीजा विश्वेश भी काका के लिए जुटा रहा।

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