मालू को आई क्यों सवारी …? गुस्ताखी माफ़

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भ्रष्टन बैठे सब टोल नाके पर …

मनीषसिंह के नगर निगम के कार्यकाल में जिन अधिकारियों की इज्जत का पंचनामा होने के बाद इन्दौर से बाहर जाने में ही बेहतरी समझी, अब वे मनीषसिंह के उज्जैन कलेक्टर बनने की सूचना के बाद अंदर ही अंदर इन्दौर आने के लिए कुलबुलाने लगे हैं। उनके मन में फिर से लड्डू फूट रहे हैं। किसी जमाने में इन अधिकारियों की निगम में तूती बोलती थी। बाद में इनकी तूती नहीं मिली। इसमें प्रमुख रूप से सर्वाधिक भ्रष्ट कहलाने वाले एम.पी.एस. अरोरा, भोपाल, रविन्द्र जैन उज्जैन, हंसकुमार जैन, ज्ञानेन्द्र जादौन, उज्जैन, जी.के. कंठेल, भोपाल हैं। जो टोल नाके के बाहर अपनी कारें लेकर खड़े हैं। इधर मनीषसिंह रवाना हुए, उधर यह वापस आकर फिर वही करम करेंगे, जिसके कारण नगर निगम बदनाम थी। एक ओर अधिकारी हरभजनसिंह, पूरी तरह अपनी आबरू इज्जत समाप्त कराने के बाद भी बिना किसी काम के दो साल से नगर निगम में मक्खी मार रहे हैं, परन्तु जाने का नाम नहीं ले रहे हैं। इनकी हालत भी नरेन्द्र मोदी के उस आश्वासन पर है कि अच्छे दिन आएंगे।

केक और कचूमर साथ-साथ…

दो दिन पूर्व मुख्यमंत्री जब इन्दौर आए अम्बेडकर जयंती के आयोजित कार्यक्रमों में विधायक दीदी ने राजबाड़ा पर 101 किलो के केक काटने का ऐलान कर दिया। रात लाव लश्कर के साथ मुख्यमंत्री भी राजबाड़ा पर पहुंच गए। केक काटने का भव्य कार्यक्रम खूब चला। परन्तु इस दौरान आम लोगों की जो दुर्दशा हुई, वह वाकई देखने लायक थी। जो भी लोग इस कार्यक्रम के लगभग राजबाड़े से लेकर आसपास के एक किलोमीटर से अधिक के इलाके में सड़कों पर अपने वाहनों के साथ फंसे थे, वे इसे भूलेंगे नहीं। भारी अफरा तफरी, गलियों में जाम, सैकड़ों कारें, स्कूटर में बैठे लोग परेशान होते रहे। व्यवस्था को कोसते रहे। कई जगह तो लोगों ने ही सड़कों पर मोर्चा संभाला। समझ नहीं आता है कि जब इस प्रकार के कार्यक्रम करने हों तो यातायात की व्यवस्था क्यों नहीें देखी जाती। नंबर बढ़ाने के चक्कर में हुए कार्यक्रम में नंबर घटा जरूर दिए हैं।

मालू को आई क्यों सवारी …?

क्षेत्र क्र. 3 मेंं अब गोविन्द मालू को भी विधानसभा लडऩे के सपने दिख गए हैं। सपने में उन्होंने देखा कि वे कार में लोगों को हाथ हिलाकर अभिवादन कर रहे हैं। अब भिया ने यहां अपनी चुनावी तैयारी पुराने भाजपाइयों को, जो घर के न घाट के बचे हैं साथ में लेकर मैदान पकड़ लिया है। अब चाहे कलाली हटाने का मामला हो, या फिर कुछ और। शीघ्र ही 6-7 हजार लोगों का एक भंडारा भी होने जा रहा है। अब कोई सर पीटे या माथा। भिया ने तय कर लिया है। इधर मालू विरोधियों का कहना है पानी का बुलबुला है, समय के साथ फूट जाएगा और तीन नंबर से भी फूट जाएगा।वैसे भी तीन नंबर और राऊ दोनों सीटों पर हर किसी को सपने आ रहे हैं। अब सपने देखने में कोई बुराई नहीं है। जब साधु संतों को ही रेवड़ी बंट रही हो, तो अंधी-चुंदी में लाटरी खुल जाए तो क्या बुरी है…।                             – ९८२६६६७०६३

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