वेलेंटाइन डे: प्यार अनमोल है, पर इसके  इजहार का कारोबार है, अरबों का!

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 दुनिया में कहा जाता है कि प्यार की कोई कीमत नहीं होती! लेकिन, वेलेंटाइन-डे के इस त्यौहार ने साबित कर दिया कि प्यार अनमोल नहीं होता, इसका भी कोई मोल होता है। ये ऐसा प्यार का दिन होता है, जिसके लिए प्रेमी करोड़ों रुपए लुटा देते हैं। पूरे हफ्ते मनाए जाने वाले मोहब्बत के त्यौहार के लिए कोई पैसे के मोल को कई नहीं देखता। यही कारण है कि प्यार का ये त्यौहार कारोबार में बदल गया! प्यार के नाम पर बने इस वैलेंटाइंस-डे और वैलेंटाइन-वीक पर प्यार करने वाले कितना खर्च करते हैं, उसका भी कोई हिसाब नहीं लगाया जा सकता! इसके बावजूद कारोबारियों की नजर इस पर बनी रहती है। वैलेंटाइन-वीक को औद्योगिक मांग में छाई सुस्ती को दूर करने का उपाय भी माना जा सकता है। वेलेंटाइन डे पूरी दुनिया में पूरे जोश के साथ मनाया जाता है और भारत में भी इसका प्रसार तेजी से हो रहा है। इस दिन एक दूसरे को चाहने वाले मनपसंद तोहफे देकर अपनी भावनाओं का इजहार करते हैं।
  कारोबार की नजर से देखा जाए तो प्यार जितना बढ़ेगा, प्रेमी जितने बढ़ेंगे ये कारोबार भी उतनी ही तेजी बढ़ेगा। लेकिन, ये कारोबार कितना होगा, इस बारे में कोई दावा नहीं कर सकता! क्योंकि, यदि उपहार कोई प्रोडक्ट हो, तो उसकी बिक्री का अनुमान लगाया जा सकता है! लेकिन, वैलेंटाइन-वीक में इतनी वैरायटी होती है कि उस कारोबार को आंकड़ों में नहीं समेटा जा सकता! बस अनुमान ही लगाया जा सकता है कि प्रेमियों ने अपने प्यार पर कितना खर्च किया! यही अनुमान बताता है कि ये आंकड़ा 22 से 25 अरब रुपए के आसपास है। ये अनुमान भी दो साल पहले व्यापारिक संगठन ‘एसोचैम’ ने अपने सर्वे से निकाला है। इस सर्वे के मुताबिक वेलेंटाइन-डे के मौके पर बड़े वेतन वाले अफसर, सरकारी नौकरी करने वाले, कॉरपोरेट सेक्टर और आईटी कंपनियों के अफसर 50 हजार रुपए तक गिफ्ट में खर्च करते हैं। वहीं कॉलेज के छात्र हज़ार रुपए से 10 हजार तक खर्च कर देते हैं।
    ‘एसोचैम’ ने इस सर्वें के लिए बड़े शहरों के 800 कंपनी अधिकारी, 150 शिक्षा संस्थानों के 1000 से अधिक विद्यार्थियों से बात की थी। बाद में निष्कर्ष से यह आंकड़ें निकाले गए! ‘एसोचैम’ का मानना था कि इस कारोबार में 20% की दर से इजाफा हो रहा है। सर्वे में कहा गया था कि इस दौरान स्पॉ और ब्यूटी पार्लर के काम में भी लगातार तेजी आने की संभावना है। इसमें कहा गया है कि करीब 65% पुरुष अपनी प्रेमिका के लिए उपहार की खरीदते हैं, जबकि 35% महिलाएं भी इसी तरह की खरीददारी करती हैं। वैलेंटाइन-वीक पर उपहार के रूप में टेडी-बीयर, गुलाब, कपड़े, गहने, ग्रीटिंग कार्डस, चॉकलेट्स और इलेक्ट्रॉनिक्स गेजेट्स की जमकर बिक्री होती है। लेकिन, सबसे ज्यादा बिकता है गुलाब! प्यार के इस त्यौहार पर लाल गुलाब की खासी मांग होती है। प्रेमी महंगे दाम पर गुलाब खरीदकर अपनी प्रेमिकाओं को देकर अपने प्यार का इजहार करते है। अनुमान है कि फूलों का ही कारोबार 200 मिलियन का होता है।
   एसोचैम सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2014 में वैलेंटाइन-डे पर जहां 16,000 करोड़ रुपए का फुटकर कारोबार हुआ था, वहीं 2016 में यह 40% बढ़कर 22,000 करोड़ रुपए तक पहुंचा! वैलंटाइंस-डे पर इस साल ऑनलाइन खरीदारी का जोर ज्यादा रहने का अनुमान है। अनुमान है कि कुल बिक्री में ऑनलाइन का हिस्सा करीब 35% से ज्यादा होगा। ग्रीटिंग कार्ड्स और गिफ्ट कारोबार के लीडर कहे जाने वाले ‘आर्चीज’ के बिजनेस डेवपमेंट हेड राघव मूलचंदानी का कहना है कि कंपनी की कुल बिक्री में से 11% वैलेंटाइन-वीक से आती है। कंपनी के प्रीमियम कार्ड की बिक्री और मांग भी इसी दौरान देखी जाती है। आर्चीज ग्रीटिंग कार्ड, स्टेशनरी और गिफ्ट आइटम का कारोबार करती है। कंपनी के भारत में 230 ऑफिस हैं और भारत के बाहर कंपनी की 300 फ्रैंचाइजी हैं। कई विदेशी कंपनियों के साथ आर्चीज की साझेदारी है।
  वैलेंटाइन-वीक पर मासूम से दिखने वाले रंग-बिरंगे टेडी बेयर, गुलाब के गुलदस्ते और बड़ी चॉकलेट बॉक्स में दो छोटी टॉफ़ी जैसी रोमांटिक चीज़ों की बिक्री ज्यादा होती है। ये भी एक आश्चर्य की बात है कि इस प्यार के त्यौहार का कोई परंपरागत गिफ्ट नहीं होता! प्रेमी-प्रेमिका आपस में भी एक दूसरे को उनकी पसंद की चीजें गिफ्ट करते हैं। ये भी एक कारण है कि वैलेंटाइन-वीक के दौरान होने वाले कारोबार को किसी दायरे में नहीं बांधा जा सकता! एक हैरान करने वाला एक ट्रेंड ये भी सामने आया था! वैलेंटाइन-डे से ठीक पहले लकड़ी वाली हॉकी स्टिक और क्रिकेट की विकेट्स के प्री-ऑर्डर में भी जमकर इज़ाफ़ा हुआ। मशहूर वैलेंटाइन विशेषज्ञ और जाने-माने मनोवैज्ञानिक कोकी कूलेरस भी इस हॉकी ट्रेंड को लेकर काफ़ी अचरज में थे। उन्होंने बताया था कि हॉकी इतनी क्यों बिक रही है? मेरे ख़याल से हॉकी को लेकर नौजवान लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। अच्छी बात है, ऐसी जागरूकता का हम स्वागत करते हैं।
  प्यार के प्रतीक गुलाब के फूल की कीमत वैलेंटाइन-डे पर 10 रुपए से बढ़कर 60 रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर होने का अनुमान है। गुलाब को उपहार के तौर पर इसलिए वरीयता दी जाती है कि सस्ता होने के साथ प्यार के इजहार माध्यम भी माना जाता है। ‘एसौचेम’ के सर्वे के मुताबिक वैलेंटाइन-डे पर फूलों की मांग कई गुना बढ़ जाती है। इससे पूरे पुष्प उत्पादन उद्योग सालाना 30% की दर से बढ़ रहा है। फूलों की मांग तेजी से बढऩे के कारण इस साल ये उद्योग 10 हज़ार करोड़ रुपए तक पहुंचेगा। इस साल पुष्प उद्योग बढ़कर 10% होने की संभावना है।
एकता शर्मा
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