शहर में एक साथ दो एक्जीविशन

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exbiलोकल इन्दौर 13 अप्रेल। शहर में एक साथ दो एक्जीविशन की शुरुआत हुई। एक में कला के रंगों की बात चली तो दूसरी रचनात्मकता के नए रूपों से भरी थी। प्रीतमलाल दुआ सभागृह में कलाकार दिनेश जोशी ने देवी देवताओं के चित्रों को नया रूप दियाओ। वहीं देवलालीकर कला विथिका में छात्रों ने प्रकृति के रंगों से मुखातिब होते हुए लाइव पेंटिंग की शिक्षा ली।
बबूल की छाल को लोहे में पांच दिन तक डालने से रेड बर्नटाइन कलर बनता है। कीकर की काली लकड़ी, मिट्टी, प्रकृति की हर चीज में कलर मौजूद है। जरूरत है सही जानकारी के साथ उन्हें निकालने की। यह कहना है ख्यात चित्रकार सिद्धार्थ का।
इस तीन दिनी एक्जीविशन में क्ले थार्माकोल, कपड़े, मोतियों से देवी-देवताओं की तस्वीरों को नया रूप दिया गया है। कुछ तस्वीरों को दिनेश जोशी द्वारा उकेरा गया है। रचनात्मकता की एक मिसाल पैदा करती यह प्रस्तुति काबिले तारीफ है। साथ ही यह एक्जीविशन में बिकने वाली कृतियों से प्राप्त आय का एक बड़ा हिस्सा संस्था सहायता को दिया जाएगा।

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