शिक्षा में बहुसंस्कृतिवाद वैश्विक युग की आवश्यकता-श्री परेरा

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लोकल इंदौर 26 जुलाई । ऑस्ट्रेलिया के पार्लियामेन्टरी सेकेट्ररी ऑफ शेडो मिनिस्टर ऑफ मल्टी कल्चर अफेयरर्स ज्यूड परेरा ने उत्कृष्ट शैक्षिक प्रणाली को बहुसंस्कृति  का एक बढिया उदाहरण बताते हुए शिक्षा में बहुसंस्कृतिवाद को वैश्विक  युग की आवश्यकता बताया  ।

इंदौर मे प्रेस्टीज इंस्टिट्यूट आफॅ मैनेजमेन्ट एंड रिसर्च द्वारा आयोजित सेमिनार में  ऑस्ट्रेलियन बहुसंस्कृतिवाद पर प्रकाश  डालते हुए उन्होने कहा कि बहुसंस्कृतिवाद समाज के भीतर उन लोगों को उनके अस्त्तिव को वास्तविक रूप से अभिव्यक्ति प्रगट करने की अनुमति देती है और सामाजिक मुद्दो की गुणों को अपनाया जाता है।

श्री परेरा ने कहाकि एक जाति और धर्म  के आधार पर संस्कृति को परिभाषित नही किया जा सकता है । यह अनेक कारको का परिणाम होता है ओर जैसे जैसे इन कारको मे परिवर्तन होता है संस्कृति भी बदल जाती है ।

शिक्षा में बहुसंस्कृतिवाद को वैश्विक  युग की आवश्यकता बताते हुए उन्होने कहाकि इसके द्वारा शिक्षा में आमूलचूल परिवर्तन संभव है वर्तमान परिपेक्ष्य मे तो यह बहुत ही जरूरी हो गया है ।

प्रारम्भ में भारतीय संस्कृति के अनुरूप दीव प्रज्जवलन और सरस्वती बदंन के साथ  समारोह की शुरुवात  की गई । संस्थान की निदेशिका  डा. योगेश्वरी  फाटक ने श्री परेरा को स्मृति चिन्ह  भेट किया ,एवं मानद सचिव डा. एन पी जैन ने बहुसंस्कृतिवाद पर विचार के साथ उनका आभार माना । समारोह मे सुश्री शिखा जैन डा. आर के जैन सहित अनेक लोग मौजूद थे । समारोह का संचालन भारती मोटवानी द्वारा किया गया ।

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