Covid -19 कोरोना से लड़ाई में “शिल्पा” देंगी आपका साथ…!

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पूर्व मिसेस इंडिया शिल्पा बागरेचा ने कोविड-19 की लड़ाई में अध्यात्म को बनाया साथी, जोड़ा हज़ारों लोगों को अध्यात्म के मार्ग से

* मिसेस इंडिया 2018 होने के साथ ही हैं फेमस एस्ट्रोलॉजर न्यूरोलॉजिस्ट, वास्तु विद और स्पिरिचुअल हीलर भी

* ओकल्ट साइंस के कई सारे कोर्स पढ़ाये ऑनलाइन ऑफलाइन

लोकल इंदौर, 15अप्रैल,। अगर आपके भीतर सकारात्मकता का प्रवाह है तो कोई भी मुश्किल बड़ी नहीं होती। कोरोना महामारी के दौरान ऐसे कई लोगों ने अपनी सकारात्मक विचारधारा के साथ बड़ी संख्या में लोगों को साथ जोड़ा और इस परिस्थिति से मुकाबला करने और जीतने के लिए उन्हें तैयार किया।

ऐसा ही एक नाम है शहर की ख्यात एस्ट्रोलॉजर, न्यूरोलॉजिस्ट, वास्तु विद और स्पिरिचुअल हीलर तथा  मिसेस इंडिया 2018 शिल्पा बागरेचा का।

शिल्पा ने पूरे कोविड के दौरान 2000 से भी ज्यादा लोगों को स्पिरिचुअलिटी से जोड़ा। साथ ही ओकल्ट साइंस के कई सारे कोर्स ऑनलाइन ऑफलाइन पढ़ा कर लोगों में स्प्रिचुअल व मेंटल पावर बढ़ाने का प्रयास किया।

लोकल इंदौर से चर्चा में  शिल्पा ने बताया कि -‘ मैंने हमेशा अपने काम से लोगों को खुशी पहुंचाने का प्रयास किया है। ब्यूटी पेजेंट ( सौंदर्य प्रतियोगिता) जीतने और शहर में पहचान बनाने के बाद यह जिम्मेदारी और भी बढ़ गई।’ ‘मिस्टीरियस सेंसेस ऑफ़ माइंड एंड बॉडी लीग’ हीलिंग सेंटर को फाउंडर शिल्पा 25 से भी ज्यादा ऑक्ल्ड साइंस की विधाओं में मास्टर हैं और उनसे जुड़े परामर्श और ट्रेनिंग भी देती हैं। ज्योतिष शास्त्र, अंक शास्त्र,वास्तु विज्ञान,क्रिस्टल हीलिंग थैरेपी, रेकी एनर्जी हीलिंग, लामा फेरा हीलिंग, टैरो कार्ड रीडिंग, रुण प्रिडिक्शन, ऑरा स्कैनिंग,पेंडुलम डाउजिंग, सिगनेचर एनालिसिस,सेजल मेकिंग तथा एनर्जी हीलिंग की एडवांस तकनीको में शिल्पा एक्सपर्ट हैं। और वे ऐसी विधाओं में लोगों को परामर्श प्रदान करती हैं। इन विधाओं के साथ कई गंभीर बीमारियों के भी उपचार भी किए जाते हैं।

इन विधाओं में पारंगत शिल्पा के ग्लोबली कई सारे सेटिस्फाइड क्लाइंट्स हैं जो समय समय पर उनसे परामर्श लेते आए हैं।

शिल्पा का मानना है कि अगर कोई काम हम सोचते हैं और उसे कर गुजरते हैं तो हमें मंजिल तक पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता। शिल्पा कहती हैं कि- ‘समाज में स्त्री और पुरुष में लिंग भेद हो सकता है पर हम अगर आत्मा की बात करें तो हम सब एक हैं और स्वयंभू हैं। मतलब हमें किसी से बराबरी नहीं करनी चाहिए। हमें खुद को खुद से बेहतर बनाते रहना चाहिए।

पिता ने साक्षर और पति ने बनाया सक्षम

शिल्पा बताती है कि मेरे जीवन में मेरे पिता ने मुझे साक्षर बनाया और फिर मेरे पति ने मुझे सक्षम बनाया। शायद इसीलिए मैं अपने परिवार के आशीर्वाद से एक सशक्त महिला बन पाई।

कंफर्ट जोन से बाहर निकलिए,ज़िंदगी की कहानी खुद लिखें

इसीलिए अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलिए और जो भी काम आपको पसंद है उस पर बिना किसी संदेह के आज से ही काम की शुरुआत कर दीजिए। आप खुद को आगे बढ़ता पाएंगे और उसके बाद आपको कभी पीछे मुड़कर नहीं देखना पड़ेगा। सिर्फ करने पर ध्यान दें, बदले में हमें क्या मिलेगा यह सोचने का काम हमारा नहीं। अपनी ज़िंदगी की कहानी खुद लिखें।’

संपर्क: 91-7999940919

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