कोविड संक्रमित मरीज अपनी मर्जी से सीटी स्कैन ना कराएं – इंदौर में वैज्ञानिक परिचर्चा में बोले डॉक्टर

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लोकल इंदौर ८ अप्रैल।कोविड संक्रमित मरीज अपनी मर्जी से सीटी स्कैन ना कराएं, इससे उत्पन्न होने वाले रेडिएशन हजार्ड् मरीजों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। कोरोना संक्रमित होने के बाद शुरुआती दिनों में सीटी स्कैन कराने से सही नतीजे भी नहीं मिलते हैं। इसलिए जरूरी है कि जब तक कोरोना लक्षण निर्मित ना हो या डॉक्टरों द्वारा सलाह ना दी जाए तब तक मरीज सीटी चेस्ट ना कराएं।

यह महत्वपूर्ण बात आज एमजीएम मेडिकल कॉलेज के सभागृह में आयोजित की गई वैज्ञानिक परिचर्चा में डॉक्टर सलिल भार्गव ने बताई। इंदौर में कोविड मरीजों की बढ़ती हुई संख्या, गंभीर रोगियों के उपचार, उपचार में समरसता के लिये एमजीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग एवं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के तत्वाधान में गुरूवार को एक वैज्ञानिक परिचर्चा का आयोजन किया गया था ।

व्याख्यान में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी एवं संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा विशेष रूप से शामिल हुए। परिचर्चा में एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. संजय दीक्षित, प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष मेडिसिन डॉ. वी.पी. पाण्डे, प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष टीबी एण्ड चेस्ट डॉ. सलिल भार्गव, सह प्राध्यापक मेडिसिन डॉ. अशोक ठाकुर एवं सहायक प्राध्यापक मेडिसिन डॉ. प्रणय बाजपेयी सहित ऑनलाईन वर्चुअल मीट के माध्यम से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सदस्यगण शामिल हुए।

इस वैज्ञानिक परिचर्चा में कोविड के वर्तमान स्वरुप, उपचार में आवश्यक जांचे एवं सी टी स्कैन की आवश्यकता के साथ ही ऑक्सीजन का सही उपयोग एवं कम गंभीर रोगियों को घर पर ही होम आइसोलेशन में दिये जाने वाले उपचार एवं गंभीर रोगियों में रेमडेसिविर इंजेक्शन के उपयोग की नवीन गाईडलाईन्स एवं अन्य दवाईयों की आवश्यकता के बारे में चर्चा की गई।

वैज्ञानिक परिचर्चा में लिये गये निर्णय का सभी पालन करें – मंत्री श्री सिलावट

            मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि पिछले एक वर्ष से मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान के निर्देशन में शासन एवं प्रशासन अपनी पूरी क्षमता के साथ कोरोना के विरूद्ध इस लड़ाई में निरंतर कार्यशील है। लेकिन कोरोना के विरूद्ध इस संघर्ष के असली योद्धा हमारे जिले के चिकित्सकगण है। जो अपने दृढ़संकल्प और इच्छाशक्ति के साथ अपना सर्वस्व न्यौछावर कर नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु कोरोना से लगातार लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि “हमारे डॉक्टर धरती पर ईश्वर का रूप है। उनके कोरोना मुक्त इंदौर बनाने के इस दृढ़सकंल्प को मैं नमन करता हूँ।” मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि इंदौर के इस संकल्प का प्रभाव केवल प्रदेश पर नहीं बल्कि पूरे देश पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा यकीन है कि यदि कोरोना के विरूद्ध इस अभियान को जनआंदोलन का रूप दिया जायेगा, तो जीत इंदौर नागरिकों के संकल्प, सामर्थ्य और समन्वय की होगी। उन्होंने कहा कि आज की इस परिचर्चा में रेमडेसिविर इंजेक्शन एवं ऑक्सीजन के उपयोग जैस जरूरी विषयों पर वैज्ञानिक मत दिये जायेंगे। जिनका पालन हम सभी के लिये अत्यंत अनिवार्य हैं।

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