“बच्चा फेकें नहीं हमें दें, हम पालेंगे” इंदौर में एक पहल

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लोकल   इंदौर  5  दिसंबर। इंदौर के एक शासकीय  हाॅस्पिटल  के बाहर लिखा एक वाक्य सभी आने जाने वालों को अपनी ओर आकर्षित करता है. ” बच्चा फेकें नहीं हमें दें, हम पालेंगे”। छोटे बच्चे का एक पालना टंगा है उसपर अलग से छाया बनाई हुई है और उसके पीछे दीवार पर उक्त वाक्य लिखा है।

सर सेठ हुकुमचंद हाॅस्पिटल  महारानी रोड  पर यह लिखा देखकर सब समझ में आ जाता है। अवांछित नवजात बच्चों को कहीं भी फेक दिया जाता है। आये दिन ऐसी घटनायें प्रकाश में आती रहती हैं कि अमुक जगह कूड़दान में जीवित नवजात बच्चा मिलाए जिसे कुत्ते नुकसान पहुंचा रहे थे, उसे किसी तरह बचाया गया। ऐसी घटनाओं को देखते हुए इन्दौर के महिला बालविकास विभाग ने एक योजना निकाली थी कि मुख्य स्थानों व प्रजनन कराने वाले अस्पतालों के बाहर ऐसे पालने लगवाये जायें जिनमें लोग अवांछित बच्चों को छोड़ जायें, जिससे उसे कोई नुकसान न पहुंचे।
सर सेठ हुकुमचंद हाॅस्पिटल के प्रभारी डाॅ. आशुतोष शर्मा ने बताया कि उनके हाॅस्पिटल ने इस योजना को महत्व देते हुए मूर्त रूप दिया और इस हाॅस्पिटल के बाहर यह पालना लगवा दिया। डाॅ. शर्मा ने बताया कि उनका चाचा नेहरु चाइल्ड हास्पिटल से  टाईअप है कि ज्यों ही कोई शिशु मिलेगा वे तुरंत इस शिशु रोग चिकित्सालय में पहुंचवा देंगे जिससे उसे उचित उपचार मिल सके तथा महिला बाल विकास विभाग से भी टाईअप है कि वह उस प्राप्त शिशु का लालन पालन करेगा।

इस चिकित्सालय के निकट ही रेलवे स्टेशन और सरवटे बस स्टैण्ड है, इस कारण यह महत्वपूर्ण हो जाता है। पालना इतनी ऊँचाई पर टांगा गया है कि आसनी से कुत्ते आदि की पहुंच से दूर रहे।

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