हर तीसरी महिला भी  हो रही है  मुंह और गले के  कैंसर का शिकार-डॉ.  मोहम्मद अखील  

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यह  परेशान करने वाली खबर है कि पुरुषों के बाद अब महिलाओं में भी मुंह व गले का कैंसर तेजी से बढ़ रहा है। अभी तक मुंह एवं गले के कैंसर पीड़ितों में पुरुषों की संख्या अधिक रही। वहीं महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर और गर्भाशय कैसर से पीड़ितों की संख्या अधिक थी। लेकिन अब महिलाएं भी मुंह व गले के कैंसर की चपेट में हैं।  डॉ.  मोहम्मद  अखील कहते हैं कि  हर तीसरी  महिला में अब मुंह और  गले का कैंसर मिल रहा है . ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ितों की संख्या जरूर कम हुई है लेकिन उसकी जगह मुंह व गले के कैंसर से महिलाएं अधिक पीड़ित हो रही हैं।  तंबाकू के सेवन के कारण 25 वर्ष से ले कर 70 वर्ष तक की महिलाओं में ये कैंसर   पाया जा रहा है . इतना ही नही मुंह एवं गले के  कैंसर की गिरफ्त में अब  कम उम्र के  किशोर भी  आ रहे है .

 दरसल हमारे आस पास और हमारे परिवारों के परिवेश में  बहुत ज्यादा परिवर्तन आया है और उदारीकरण के चलते  दुनिया भे सिमट गयी है यही कारण है की पाश्चात्य देशों की  तरह  हमारे यहा भी अब सिगरेट ,शराब  जैसे मादक पदार्थ  हमारे स्टेट्स सिम्बल बन गये है .पहले तो   ग्रामीण महिलाए बीडी या शराब का सेवन करती थी लेकिन अब शहरी महिलाए भी धुम्रपान  और मादक पदार्थों का सेवन करती है , यही कारण है की अब मुंह एवं गले के कैसर महिलाओं में पाए जाने लगा है ,एक अनुमान के अनुसार हर तीसरी कैसर पीड़ित महिला मुंह एवं गले केकैंसर से  पीड़ित पाई जा रही है .

 यही हाल किशोरों का है . जिनके परिवार में  घर का प्रमुख उनके  पिता या कोई  पुरुष बीडी सिगरेट या शराब का सेवन  करते है तो परिवार का  किशोर भी इन्हें अपनाने लगता है और  चोरी छिपे शुरू की गयी इन्हें पीने की कोशिश  बाद में आदत बन जाती है .आज कल तो पान तम्बाखू ,गुटका इन किशोरों में आम हो गया है ,ये अपने मुहं में इन गुटका तम्बाखू को दबाए रहते है और बाद में यही मुंह एवं गले के कैसर का  कारण बनता है .

 करें अपना सेल्फ एग्जामिनेशन

हमें हर दिन व्रश  करते वक्त  अपना सेल्फ एग्जामिनेशन करना चाहिए . दो मिनट कांच के सामने  अपना मुंह खोल कर  देख ले कि हमारे मुंह के अंदर सब ठीक है सब मसूड़े गाल बगैरा हड्डी वगैरा वगैरा वहां पर कोई कोई फोड़ा  तो नहीं है मुंह में कोई छाला तो नही है . यदि ऐसा कुछ भी पाए तो तुरंत अपने डेंटिस्ट को दिखाए . क्योंकि यदि आपके मुंह में कोई छाला या घाव  है  जो दो सप्ताह से ज्यादा तक बना रहता है और समान्य दवाओं से भी ठीक नही हो  रहा तो वह मुंह और गले के कैसरका  कारण  बन सकता है . प्रारम्भिक अवस्था में यदि इन्हें   पहचान लिया जाय तो इलाज में आसानी हो जाती है .

माता  पिता की भी जवाबदारी

दरसल  अब समाज में संयुक्त परिवार की जगह  एकल परिवार  ने ले ली है . बढ़ते शानो शौकत और समाजिक स्टेट्स के लिए माता पिता दोनों ही नौकरी करते है और ऐसे में वे अपने बच्चे  पूरा ध्यान नही दे पाते . बच्चे भी शारीरिक गतिविधियों की जगह टीवी और अन्य खेलों में व्यस्त रहते हए बड़े होते है और अपने आस पास के अन्य लोगों की तरह   वे  व्यसनों में लिप्त हो जाते है और  माता पिता से छिपा कर सिगरेट बीडी तंबाकू गुटके का सेवन करने लगते है ,माता पिता इन बच्चों पर ध्यान नही दे पाते और ये इन्ही व्यसनों के चलते अब कैंसर जैसे खतरनाक बीमारी की गिरफ्त में आ जाते है . अत: हमारे माता पिता की जवाबदारी है की वे अपने बच्चों की परवरिश पर ध्यान दे ओने बच्चों को के सामने खुद भी इस तरह के बीडी सिगरेट आय शराब आदि का सेवन न करें और बच्चों को भी इनसे दूर रखने   की कोशिश कर उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाये।

{लेखक कैंसर विशेषज्ञ है }

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