‘दीनदयाल रसोई’ योजना या ‘सेवा’ की आड़ में फर्जीवाड़ा!  धार से अजय शर्मा की रिपोर्ट

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भाजपा के पिछले कार्यकाल के दौरान अप्रैल 2017 में ‘दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना’ शुरू हुई थी। इस योजना का मकसद गरीब लोगों को 5 रूपए में भरपेट भोजन उपलब्ध कराना था। योजना का आंरभ में काफी जोर-शोर से हुआ, पर बाद में अधिकांश जगह योजना ने दम तोड़ दिया। इंदौर में इस योजना को नगर निगम के जरिए संचालित किया गया था, पर लम्बे समय से इसके क्रियान्वयन को लेकर कोई हलचल नहीं है। शहर के कई रैनबसेरों में इस योजना चलाया गया, पर सारी योजना बंदरबांट में ध्वस्त हो गई! जबकि, धार में इस योजना में भारी गड़बड़ी चल रही है। फर्जी आंकड़े दिखाकर योजना को पलीता लगाया गया। कोरोना संक्रमण के इस दौर में जब लोग गरीबों की सेवा के लिए हर संभव  कोशिश कर रहे हैं, धार में गरीबों के हिस्से का भोजन इसे संचालित करने वालों के पेट में जा रहा है।
   धार में इस योजना के सुचारू रूप से संचालन के लिए लांयस क्लब से अनुबंध किया था। तय किया गया था में नगरपालिका धार और लांयस क्लब दोनों मिलकर सभी व्यवस्थाओं का संचालन करेगें। योजना के बाद से इस योजना का लगातार संचालन जारी रहा, लेकिन, अव्यवस्थाओं के साथ। जिला प्रशासन के अलावा कई समाजसेवियों ने इस योजना में लगातार अपना योगदान दिया व आज भी सहयोग कर रहे हैं। ‘कोविड-19’ महामारी के बाद धार जिले में लाॅक डाउन लागू होने के बाद गरीब असहाय लोगों के लिए भोजन का संकट उत्पन्न होने के बाद से शहर में कई समाजसेवियों ने गरीबों के लिए खुलकर दान दिया। शहर में धार विधायक, सेवाभारती, काठमांडू पैनल सहित अनेक संगठनों और समाजसेवियों ने लगातार सहयोग दिया।
  नगर पालिका ने प्रशासन और दानदाताओं के सहयोग से दीनदयाल रसोई में भी भोजन पैकेट का का कार्य आंरभ किया व प्रतिदिन 11 से 2 बजे तक भोजन वितरण का समय तय किया गया। 29 मार्च से शुरू हुई भोजन के पैकेट योजना में अचानक पैकेट का आंकडा बढ़ने लगा और 1600 पैकेट प्रतिदिन तक जा पहुंचा। इस संबध में अनेक शिकायत के बाद जब मौके पर सच्चाई जानने का प्रयास किया तो काफी हैरतभरी स्थिति सामने आई। रविवार को करीब 12 बजे भोजन के पैकेट की आस में वहाँ करीब 45 लोग बैठे थे। उन्होंने बताया कि अभी वितरण शुरू नहीं हुआ है। बताया गया कि खाना अभी बन रहा है। दोपहर करीब डेढ़ बजे वहाँ मौजूद 7 बच्चों को भोजन पैकेट दिए गए। अन्य लोगों को कहा गया कि खाना आज ज्यादा नहीं बना। जबकि, इस दिन उद्योगपति और समाजसेवी प्रकाश बाफना की शादी की वर्षगांठ थी और उन्होंने गरीबों को भोजन के लिए 7100/ रुपए दिए। लेकिन,सच्चाई यह है कि 8-10 बच्चों को रोटी-सब्जी बांटकर बाकी गरीबों को खाली हाथ लौटा दिया गया।
    इस संबध में धार नगरपालिका सीएमओ से चर्चा की गई, तो उन्होंने बताया कि परिसर हमारा है और वहाँ  उपलब्ध 2 से 3 कर्मचारियों का वेतन भी हम देते हैं, इससे ज्यादा हमारा वहां कोई दखल नहीं! आप संस्था से ही इस बारे में जानकारी लें। दीनदयाल रसोई का कार्य देख रहे प्रशासन के प्रतिनिधि एसएलआर श्री धाकड को जब असलियत बताई गई तो उनका जवाब था कि मैं मौके पर इसकी जांच करवा लेता हूँ। वहां सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करके बैठी करीब 30-40 महिलाएं और बच्चे भोजन की लाईन पास-पास बैठे थे। शाम को जो आंकड़ा सामने आया वो चौंकाने वाला था। जानकारी दी गई कि रविवार 17 मई को 1410 भोजन पैकेट वितरित किए गए। यहाँ से इस तरह आंकड़े रोज जारी किए जाते हैं, जिसका कोई रिकार्ड उपलब्ध नहीं होता!
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