पूर्व PM नरसिम्हाराव के पोते ने की वर्शिप एक्ट को बदलने की मांग- कहा तारीख नहीं वैज्ञानिक साक्ष्य महत्वपूर्ण है

पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हाराव के पोते और तेलंगाना भाजपा के प्रवक्ता एनवी सुभाष राव ने उनके दादा द्वारा लागू किए गए पूजा स्थल अधिनियम यानी वर्शिप एक्ट 1991 को बदलने की मांग की है।

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पूजा स्थल अधिनियम 1991 - पूर्व पीएम नरसिम्हाराव के पोते ने कहा बदलना चाहिए एक्ट

इंदौर. हैदराबाद से एक बड़ी खबर सामने आई है। लोकल इंदौर के सुबोध खंडेलवाल से चर्चा में पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हाराव के पोते और तेलंगाना भाजपा के प्रवक्ता एनवी सुभाष राव ने उनके दादा द्वारा लागू किए गए पूजा स्थल अधिनियम यानी वर्शिप एक्ट 1991 को बदलने की मांग की है।

फोन पर चर्चा में उन्होंने कहा कि जब नरसिम्हाराव साहब ने ये एक्ट लागू किया उस समय कुछ अलग परिस्थितयां और चुनौतियां रही होंगी मैं उस पर चर्चा नहीं करना चाहता पर जब किसी बात के पुख्ता प्रमाण निकलकर आ रहे हो तो कोई भी नियम, अधिनियम या क़ानून उससे आँख मूँद कर नहीं रह सकता।

NV Subash ji

एनवी सुभाष राव ने कहा कि मैं ये मानता हूँ कि कोई स्थान मूल रूप से क्या था. उसका स्वरुप बदला गया या नहीं उसका स्वामित्व बदलने की जबरिया कोशिश हुई या नहीं इस बात का निर्धारण इस आधार पर नहीं किया जा सकता कि किसी ख़ास तारीख को वो जगह किस स्वरुप में थी। बल्कि इस बात का निर्धारण उस जगह से मिले पुरातत्विक साक्ष्य और  वैज्ञानिक अनुसंधान से किया जाना चाहिए।

 

सबसे विवादास्पद मुद्दा
पूजा स्थल अधिनियम यानी वर्शिप एक्ट 1991 आज की तारीख का सबसे विवादास्पद मुद्दा है. काशी स्थित ज्ञानवापी परिसर का पूरा कानूनी विवाद इसी एक्ट के आसपास घूम रहा है और सिर्फ ज्ञानवापी ही नहीं बल्कि मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि सहित ऐसे कई कई धार्मिक मामलों का विवाद भी इसी एक्ट पर केंद्रित रहेगा। ऐसे में सुभाष राव का ये कहना कि किसी स्थान का निर्धारण किसी तारीख के आधार पर नहीं बल्कि उस जगह से मिले पुरातात्विक साक्ष्य और  वैज्ञानिक अनुसंधान से किया जाना चाहिए काफी अहम् है।

 

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