20 साल से आए नहीं  अब क्या चने भुनेंगे… गुस्ताख़ी माफ में नवनीत शुक्ला

0
192
भाजपा के सांवेरी नेता इन दिनों इंदौर से पर्यटन प्रचार के लिए जा रहे भाजपाई दिग्गजों के बारे में भांति-भांति की चर्चा करते हैं। सांवेर के भाजपाइयों का कहना है कि जितने नेता यहां इंदौर से लाखों रुपए की गाड़ियां लेकर प्रचार करने आ रहे हैं, इन नेताओं को सांवेर की तासीर नहीं मालूम है। यह वही सांवेर हैं, जिसमें पिछले दस चुनाव से एक भी दिग्गज नेता चुनाव में झांकने तक नहीं आता था। हमेशा यहीं का कार्यकर्ता अपने समीकरण से चुनाव की तैयारी करता था। इस बार जिन इंदौरी नेताओं ने यहां अपना मुखड़ा दिखाना शुरू किया है, इनमें से कई को तो सांवेर की गलियां भी मालूम नहीं हैं। एकमात्र पूर्व सांसद रहीं सुमित्रा महाजन ही कई क्षेत्रों में नब्ज की जानकार थीं। इसीलिए सांवेर में उनकी पकड़ कुछ अलग प्रकार की रही, परंतु इन दिनों इंदौरी नेताओं के भरोसे चल रहे चुनाव के जब परिणाम आएंगे तो यह पता लगेगा कि सांवेर में ईद की तैयारी थी और मुहर्रम का जुलूस निकल गया।
25 हजार में होता था अब 2 लाख लगे…
शहर की शिक्षा संस्थाओं को चलाने वाले ज्ञानी हर कला में माहिर होते हैं, इसीलिए तो ज्ञान देने का काम करते हैं। पिछले दिनों इंदौर में पदस्थ संयुक्त संचालक शिक्षा मनीष वर्मा का सामान समेटकर उन्हें इंदौर से रवाना कर दिया गया था। बताने वाले बता रहे हैं कि बिच्छू के काटे का मंत्र मालूम नहीं था और सांप के बिल में हाथ डाल दिया था। शहर के 163 स्कूलों की मान्यता रद्द करने का काम कर उन्होंने भूचाल ला दिया था। इसके बाद जादूगरों ने भोपाल में लगभग दो-दो लाख रुपए लेकर अपने स्कूलों की लाज बचा ली। हालांकि इंदौर में भी लाज बचने का रेट तय है, वह पच्चीस हजार रुपए था, परंतु तेवर के चलते मनीष वर्मा करंट में थे और ऐसे में ही उन्होंने पेलवान के एक स्कूल की मान्यता को भी रोक दिया। हालांकि यह स्कूल सात एकड़ की भूमि पर बना हुआ था। मनीष वर्मा की हालत मेरा टेसू यहीं अड़ा, खाने को मांगे दहीबड़ा जैसी हो गई थी। अंतत: अखाड़े में चली पटा बनेठी में पेलवान ने दूसरे दांव में ही मनीष वर्मा को निपटा दिया।
राजनेता के कूदने से तिल का ताड़ हो गया…
पिछले दिनों मिल क्षेत्र की एक लड़की के साथ प्रेम-प्रसंग के बाद हुए विवाद ने इतना बड़ा आकार ले लिया कि मिल क्षेत्र के कुछ नेताओं सहित असरदार लोगों को उसके घर जाकर कविता पाठ करना पड़ा। कारण यह था कि उनके नाम भी इसमें आ रहे थे। वैसे, युवती का जिनके साथ प्रेम-प्रसंग में विवाद हुआ था, वे भी कांग्रेस के बड़े नेता के रूप में जाने जाते हैं। करोड़ों रुपए की जमीनों के सौदे भी असरदार और सरदार लोगों के साथ उनके पहले से ही उलझे हुए हैं। यह मामला अभी निपटा ही नहीं है कि यह दूसरा मामला खड़ा हो गया। हालांकि मामले में लिखित शिकायत एमआईजी थाने में भी दर्ज कराई गई है। यह बात पूरे विस्तार से इन दिनों शहर के एक बड़े नामी-गिरामी जमीन कारोबारी संजय दासोद अपने तमाम साथियों को सुना रहे हैं। वे यह भी बता रहे हैं कि इस मामले का सोशल मीडिया पर भी जमकर प्रचार हुआ है। अब बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी।  इस मामले में पहली नजर में उलझने से बचे भाजपा के एक राजनेता ने जैसे-तैसे इस मामले से पिंडा छुड़ाया तो वहीं उन्होंने अब इस मामले की सुपारी अपने खास असरदार सरदार को सौंप दी है। हालांकि यह मामला अब एक बार फिर बिगड़ने जा रहा है। वहीं इन सब मामलों में एक बड़े पत्रकार की भी नींद उड़ी हुई है। अब यह तो राम जाने, पर मामला है रोचक।
लोकल इंदौर का एप गूगल से डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें... 👇 Get it on Google Play

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here