Indian Cinema: धूम मचाती डबल रोल वाली फ़िल्में ..! गतांक से आगे

इन फिल्मो के साथ इनके गीत भी लोकप्रिय हुए थे जो आज भी सुकून देते हैं

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गत रविवार को हमने भारतीय सिनेमा में डबल रोल कैसे और कब से शुरू हुआ था ये पढ़ा  था और कुछ डबल रोल् वाली  हिट फिल्मों   के बारे में आज उसके आगे :

1966 में बनी एक यादगार फिल्म मेरा साया भी डबल रोल वाली फिल्मों शामिल है इस फिल्म में साधना ने दो जुड़वां बहनों का रोल किया था फिल्म के नायक थे सुनील दत्त अन्य कलाकार थे प्रेम चोपड़ा मुकरी धुमाल आदि। मेरा साया एक सस्पेंस फिल्म थी फिल्म का निर्देशन राज खोसला ने किया था फिल्म का सस्पेंस आखरी तक बना रखने में सफल रहे थे। फिल्म के गाने गीतकार राजा महेंदी अली खां ने लिखे थे और उन्हें अपने कर्णप्रिय संगीत से मदन मोहन ने सजाया था ।फिल्म के टाइटल सॉन्ग लता मंगेशकर को अपनी आवाज दी थी ,गीत था तू जहां जहां चलेगा मेरा साया साथ होगा।यह गाना लताजी के गानों में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।फिल्म के अन्य गीत आशा भोंसले और रफी साहब  ने गाए थे , आशाजी के द्वारा गाए गीत झुमका गिरा रे बरेली के बाजार में, नैनो में बदरा छाए बिजली सी चमके हाय ऐसे मे बलम मोहे गरवा लगा ले , नैनोवाली ने हाय मेरा दिल लूटा और रफी  द्वारा गाया गाना आपके पहलू में आके रो दिए। ने लोगों का दिल जीत लिया था l

1967 में बनी   फिल्म राज  जिसमे राजेश खन्ना ने दोहरी भूमिका निभाई थी .फिल्म के निर्माता फिल्म के निर्माता जी पी सिप्पी थे l फिल्म में राजेश खन्ना, बबीता, आई॰ एस॰ जौहर और असित सेन  प्रमुख भूमिका में थे l फिल्म में एक गीत शमीम जयपुरी ने लिखा था और शंकर जयकिशन ने जिसे संगीत दिया था बेहद लोकप्रिय हुआ था  रफी साहब  ने उसे स्वर दिया था गीत के बोलते – अकेले है चले आओ

वर्ष 1968  में कई डबल रोल वाली फिल्मे आई और उनके गाने भी सुपर हिट रहे :1968 में प्रकाश मेहरा द्वारा निर्देशित फिल्म हसीना मान जायेगी में शशिकपूर ने डबल रोल किया था और फिल्म की हीरोइन बबिता थी।फिल्म के गानों को कल्याणजी आनंदजी ने अपने मधुर संगीत से सजाया था । इस फिल्म के गीत आज भी सदाबहार गीतों में शुमार किये जाते है l हसीना मान जायेगी गाने सभी हिट थे। जिसमे खासकर के लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी का गीत बेखुदी में सनम उठ जो कदम आ गए आ गए यहां पर हम, रफी साब के दो गीत ओ दिलबर जानिए हम तेरे है हम तेरे छुपा लेंगे इन आंखों में हम गम तेरे और चले थे साथ मिलकर चलेंगे और चलेंगे साथ मिलकर काफी हिट रहे थे।

1968 में ही प्रसाद प्रोडक्शन की फिल्म राजा और रंक आई थी जिसमें मुख्य कलाकार संजीव कुमार,नजीमा,कुमकुम मुकरी अजीत एवम् बाल कलाकार शायद मोहित थे जिन्होंने इस फिल्म ने डबल रोल किया था। फिल्म के गीतकार आनंद बक्शी और संगीतकार लक्ष्मीकांत प्यारेलाल थे।फिल्म के गानों को मोहम्मद रफी, लता मंगेशकर,आशा भोंसले,मन्नाडे और उषा मंगेशकर अपनी आवाजे दी थी। फिल्म के सभी गाने हिट हुवे थे। जैसे मां तू कितनी अच्छी है कितनी भोली है,   ओ फिरकीवाली तू कल फिर आना,  मेरा नाम है चमेली, रंग बसंती संग बसंती अंग बसंती छा गया मस्ताना मौसम आ गया आदि।

Indian Cinema: इस फिल्म से शुरू हुआ था डबल रोल का चलन …!

सन 1968 में विमल रॉय ने भी एक फिल्म प्रोड्यूस की थी जो की शेक्सपियर के नाटक कॉमेडी ऑफ एरर्स पर आधारित थी।जिसमे किशोर कुमार और असित सेन ने दो दो दोहरी भूमिकाएं निभाई थी दो मालिक दो नौकर की।फिल्म के अन्य कलाकार थे तनुजा ,सुधा रानी इफ्तेखार आदि। फिल्म के गीतकार थे गुलजार और संगीतकार हेमंत कुमार।फिल्म का नाम था  दो दूनी चार  इसका एक गीत जो को काफी चला था ,जो को किशोर कुमार ने गया था गीत के बोल थे हवाओ पर लिख दो हवाओ के नाम।

1969 में राजेश खन्ना की फिल्म आई अराधना  जिसने राजेश खन्ना  को स्टार बना  दिया था  फिल्म के  निर्माता एवं निर्देशक  थे शक्ति सामंत । फिल्म में राजेश खन्ना ने पिता और बेटे की भूमिका निभाई थी। शर्मिला टैगोर, फरीदा जलाल की महत्त्वपूर्ण भूमिका थी। यह अपने जमाने की सुपरहिट फिल्म थी।फिल्म के सभी गीत लिखे थे आनन्द बख़्शी   ने जो आज भी लोकप्रिय है l संगीतकार  के रूप में पहले एस डी बर्मन  थे ,दो गीत की रिकार्डिंग केबाद वे बीमार हो गये तो उनके बेटे राहुल देव बर्मन ने संगीत दिया l एक गीत रूप तेरा मस्तान गाने राहुल ने अपने मिजाज का संगीत दिया था और गीत को आवाज दी थी किशोर कुमार ने ,इसी गीत को फिल्म फेयर का सर्वश्रेष्ठ  अवार्ड मिला था l इफ फिल्म के दौरान  शर्मिला टैगोर को  बँगला फिल्मों की शूटिंग के चलते समय नही था तो उनके सीन बाद में फिल्माए गये थे l

अगले ही वर्ष यानी 1970 में राजेश खन्ना की  एक ओर फिल्म डबल रोल वाली आई l  इस फिल्म का नाम था सच्चा झूठा l मनमोहन देसाई द्वारा निर्देशित इस फिल्म में भी राजेश खन्ना ने डबल रोल किया था l नायिका थी मुमताज़ और साथ में थे विनोद खन्ना l बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर रही इस फिल्म के लिए  भी  राजेश खन्ना को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला था । फिल्म के गीतों में मेरी प्यारी बहनिया बनेगी दुलहनिया  ,दिल को देखो चेहरा न देखो ,यूँ ही तुम मुझसे प्यार करती हो ..सभी इन्दीवर केलिखे गीत लोकप्रिय हुए थे lसंगीतकार थे कल्याण जी आनन्द जी l क्रमश:

माणक चंद सोनी    गूगल इनपुट के साथ 

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