Indore : इंदौर में नया ट्रेंड इको फ्रेंडली: मिठाई अब कुल्हड़ों में होगी पैक

शहर के मिठाई विक्रेताओं ने सवा लाख से अधिक बडे कुल्हड़ तैयार कराए हैं

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लोकल इन्दौर। (विशेष प्रतिनिधि द्ववारा)दीपावली पर मिठाई  यदि आप  मिठाई खरीदें और आपको प्लास्टिक से  बने डिब्बों  की जगह  मिट्टी से बने कुल्हड़  में रसीली मिठाई मिले तो आश्चर्य मत कीजिएगा l क्योकि इंदौर के मिठाई विक्रेता भी  शहर के पर्यावरण के लिए सचेत हो गये है l यही कारण है कि शहर के 70 फीसदी बडे मिठाई निर्माता पैकिंग में कुल्हड़ का उपयोग करेंगे।

दीपावली में अभी समय है लेकिन मिठाई निर्माता इस बार ऑर्डर पैकिंग के अलावा हर आम और खास को रबडी, राजभोग, रसमलाई, रसगुल्ला, मावा बाटी ही नहीं, बादाम पाक, ड्रायफूड रोल, आमपाक, मैसूर कतली के साथ मावे के लड्डू खास कुल्हड़ में देगे। शहर में विभिन्न संगठनों में लक्ष्मी पूजन के बाद अपने कर्मचारियों को बतौर गिफ्ट मिठाई दी जाती हैं। लेकिन ये मिठाई बिना चाशनी वाली होती थी ,इस बार गिफ्ट में रसीली मिठाई भी दी  जाएगी।

एक मिठाई विक्रेता   बताते हैं कि मिठाई निर्माताओं ने 500, 1000 ग्राम तक स्वीट्स आ सके ऐसे इको फ्रेंडली कुल्हड़ तैयार कराए हैं। हमारे यहां तो बीते कई सालों से रसीली मिठाई कुल्हड़ में ही बेची जा रही है। अब तो सभी व्यापारियों ने इसे अपना लिया है।

कंफेशनरी, आटो मोबाइल, एग्रीकल्चर पंप कंपनियों से अपने स्टाफ को कुल्हड़ में पैक मिठाई के लिए ऑर्डर आए हैं। कारोबारी गोपाल मंगल ने बताया कि कुल्हड़ में पारंपरिक मिठाई ही नहीं रसीली मिठाई तक गिफ्ट में दी जा सकती है।कुल्हड़ में रखी मिठाई 48 घंटे फ्रीज सी रहती हैं इससे स्वाद में खास सौन्धापन आ जाता है।

मनेगी इनकी भी दीपावली 

कुल्हड़ निर्माता बलराम प्रजापत बताते हैं कि कुल्हड़ का इस्तेमाल बढ़ने से हमारा काम बढ़ गया है। मिठाई वालो ने इस बार सवा लाख से अधिक बडे कुल्हड़ तैयार कराए हैं। इनमें हजार से 15सौ ग्राम मिठाई पैक की जा सकेगी।

रोज लगते हैं 20 हजार

अब शहर में लगभग 20 हजार कुल्हड़ रोज लगते हैं। इसे अलग अलग साईज में तैयार किया जाता है। चाय वाले कुल्हड़ 100 ग्राम के होते हैं जबकि मिठाई पैकिंग में प्रयोग किए जाने वाले कुल्हड़ अलग अलग साईज वाले होते हैं।
कुल्हड़ विक्रेता महासंघ (पूर्वी क्षेत्र) के मुकेश अर्जुन व बबलू ने बताया कि इस बार आर्डर ज्यादा है बेमौसमी बारिश से सप्लाई प्रभावित हो रही है।
पालदा के श्रवण कुमार का कहना है कि हमारे कुम्हार समाज में 200 से अधिक परिवार कुल्हड़ आदि बनाते हैं। इस बार डिमांड अच्छी है, लेकिन स्टाक की व्यवस्था नहीं होने से उज्जैन से कुल्हड़ मंगाकर सप्लाई कर रहे हैं। हम काम बढ़ा सकते हैं बशर्ते खादी ग्रामोद्योग से मदद मिले।

इन्दौर नमकीन मिठाई निर्माता संघ के अध्यक्ष विकास जैन ने बताया कि मिठाईयों की खरीदी लगातार बढ़ रही है। हमारे यहां रसीली मिठाइयां कुल्हड़ में दी जाती है। वैसे अब तो अधिकांश दुकानो पर इसका इस्तेमाल बढ़ गया है।

इस साल मिठाइयों के ऑर्डर कोरोना लाक डाउन के पहले की तरह आ रहे हैं। ग्राहकों को कुल्हड़ में मिठाई उपलब्ध कराई जाएगी।
अनुराग बोथरा महामंत्री इन्दौर नमकीन मिठाई विक्रेता संघ।

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