Indore : इंदौर में पिछले छह माह में बने सभी प्रमाण पत्रों के दस्तावेजों की जांच की जाएगी !

महिला कंप्यूटर ऑपरेटर को बनाया जा सकता है आरोपी

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 लोकल  इंदौर 23 सितम्बर । शहर में संचालित सभी एक दर्जन से अधिक लोकसेवा केन्द्रों के कर्मचारियों को अन्यत्र विभाग भेजा जाएगा। बाहर होने वाले कर्मचारियों को कौनसा विभाग देंगे, इस पर निर्णय एक-दो दिन में होगा। कर्मचारियों पर कार्रवाई के पीछे मूल कारण फर्जी दस्तावेजों को तैयार करना है। छह माह में शहर में बने सभी प्रमाण पत्रों के दस्तावेजों की जांच की जाएगी। पिछले दिनों दो युवकों के पकड़ाए जाने के बाद आरोपियों ने केन्द्र के तीन कर्मचारियों के नाम कबूले थे, इसके बाद प्रशासन ने उक्त निर्णय लेने पर विचार किया है।
बाणगंगा पुलिस ने शांतिनगर क्षेत्र से दो युवकों को पकड़ा था। दोनों युवकों ने एमपी आनलाइन सेंटर खोलकर चंद रुपयों में आधार, मूल निवासी जाति, आय, आयुष्मान कार्ड बनाने शुरू कर दिए थे। वे करीब छह माह से इस धंधे में लिप्त  थे। शिकायत के बाद पकड़ने जाने पर अपने एक साथी का नाम कबूला था। पकड़े गए साथी ने पालिका प्लाजा, कलेक्टोरेट और परदेशीपुरा  स्थित लोकसेवा केन्द्रों के तीन कर्मचारी, इसमें एक महिला न कर्मचारी भी शामिल थी. को पकड़ा था। तीनों ने केन्द्रों से जुड़े पांच से अधिक लोगों के नाम कबूले हैं। अब पुलिस पांचों कर्मचारियों को पकड़ने में जुट गई है। उधर, पुलिस ने कलेक्टर मनीषसिंह को पत्र लिखा है। सूत्रों ने बताया कि शहर में 200 से अधिक लोगों के फर्जी प्रमाण पत्र बने हैं। इनमार्थ पत्रों के लिए लगाए गए दस्तावेजों के साथ सभी कर्मचारियों की आईडी, पासवर्ड चेक किए जाएंगे। आईडी, पासवर्ड की जांच प्रशासन ने साइबर सेल को सौंप दी है। मेल की जांच रिपोर्ट के बाद कुछ और कर्मचारी आरोपी बनाए जा सकते हैं। उधर, शहर के सभी एमपी आनलाइन से तैयार होने वाले दस्तावेजों के भी रिपोर्ट मांगी जा रही है।

Indore :इंदौर में अवैध रूप से संचालित आधार कार्ड बनाने के सेंटर मिला

इंदौर में फर्जी जाति प्रमाण पत्र और दस्तावेज बनाने वाले गिरोह में अब तक चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसमें से पकड़े गए दो आरोपी कलेक्टर ऑफिस के पीछे लोकसेवा गारंटी केंद्र पर कंप्यूटर ऑपरेटर का काम कर रहे थे। गुरुवार दोपहर मुसाखेड़ी निवासी देवीलाल गुर्जर के घर की तलाशी की गई, जहां से कई दस्तावेज पुलिस को बरामद हुए हैं। मोबाइल में मिले डाटा के अनुसार चारों आरोपियों ने अब तक 1000 से अधिक जाति प्रमाण पत्र और आयुष्मान कार्ड बना चुके हैं।

अब तक चार आरोपी  गिरफ्तार

इंदौर में फर्जी जाति प्रमाण पत्र और दस्तावेज बनाने वाले गिरोह में अब तक चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसमें से पकड़े गए दो आरोपी कलेक्टर ऑफिस के पीछे लोकसेवा गारंटी केंद्र पर कंप्यूटर ऑपरेटर का काम कर रहे थे। गुरुवार दोपहर मुसाखेड़ी निवासी देवीलाल गुर्जर के घर की तलाशी की गई, जहां से कई दस्तावेज पुलिस को बरामद हुए हैं। मोबाइल में मिले डाटा के अनुसार चारों आरोपियों ने अब तक 1000 से अधिक जाति प्रमाण पत्र और आयुष्मान कार्ड बना चुके हैं।

महिला कंप्यूटर ऑपरेटर को बनाया जा सकता है आरोपी

बाणगंगा थाना के SI जबर सिंह यादव के अनुसार देवीलाल की निशानदेही पर ही कलेक्टर कार्यालय स्थित लोक सेवा केंद्र से दो कंप्यूटर ऑपरेटर रोहित चौधरी और आकाश तंवर के साथ वर्षा नामक महिला कंप्यूटर ऑपरेटर को भी गिरफ्तार किया है। आगे की पूछताछ की जानी है। मामले में इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड की तलाश की जा रही है। देवीलाल के मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर इंदौर के कई एमपी ऑनलाइन सेंटर भी निशाने पर आ सकते हैं। गिरफ्तार हुए आरोपी अजय और प्रदीप को पुलिस जेल भेज चुकी है। वही दलाल देवीलाल को 25 सितंबर तक पुलिस ने रिमांड पर लिया है।

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