इंदौर के  दम्पत्ति मोनिका और ज्ञानेंद्र पुरोहित  की मोटिवेशन कहानी मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर बुक में शामिल

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लोकल इंदौर  ८ अगस्त .इंदौर के  दम्पत्ति मोनिका और ज्ञानेंद्र पुरोहित  की मोटिवेशन कहानी को मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर की किताब में शामिल किया जा रहा है . इंदौर की ये पहली दम्पत्ति है .

उल्लेखनीय है की मूक -बधिरों के लिए काम करने वाली इंदौर की आनंद सर्विस सोसायटी का नाम लोगों के लिए नया नहीं है। इसके संस्थापक मोनिका और ज्ञानेंद्र पुरोहित करीब दो दशक से निस्वार्थ भाव से मूक-बधिर, असहाय और असमर्थजनों की सेवा में लगे हैं।

मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर की किताब में शामिल

अब इनकी मोटिवेशन कहानी को मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर की किताब में शामिल किया  जा रहा है। इस किताब के लिए केंद्र ने देशभर से 1000 मोटिवेशन कहानियां एकत्रित की थीं। इनमें से किताब में अनूठी और समाज को बेहतर दिशा देने वाली 200 कहानियों का चयन किया गया है, जिनमें पुरोहित दंपति की कहानी भी है। सरकार की तरफ से इस संबंध में 23 जुलाई को भेजे गए मेल से जानकारी दी गई। आनंद सर्विस सोसायटी की शुरुआत 2000 में हुई थी। संस्था करीब दस हजार मूक-बधिर बच्चों को सामान्य शासकीय स्कूलों के अंतर्गत शिक्षा से जोड़ चुकी है। दिव्यांगजनों को न्याय दिलाने में भी संस्था काम करती है। अब तक 2500 से अधिक मामलों में दिव्यांगजनों की लीगल हेल्प कर चुकी है। इस वजह से हुआ चयन इंडियन सोशल रिस्पांसिबिलिटी नेटवर्क (आईएसआरएन) की मदद से रिपोर्ट तैयार की जा रही है। पुरोहित दंपति की कहानी का चयन इस आधार पर हुआ कि कपल ने पंक्ति में खड़े अंतिम मूक-बधिर तक पहुंचने, उसके उत्थान करने और उसे इंसाफ दिलाने के लिए काम किया है। उनका काम सराहनी है।

गीता को खोजा था

भारत से गलती से सीमा पार जा पहुँची और पाकिस्तान के ईदी फाउंडेशन में   रह रही गीता को खोजने में पुरोहित दमप्प्त्ती की  महत्वपूर्ण भूमिका थी . गीता से सांकेतिक भाषा में मोनिका ने ही बात कर उसे देश में लाने की पहल की थी

 

मूक-बधिर बच्चों के लिए कर रहे हैं काम

जब इस तरह के एप्रीसिएशन मेल आते हैं तब विश्वास नहीं होता कि हमने इतना काम कर लिया है। 20 साल पीछे देखते हैं तो लगता है कि अभी तो बस काम करते जाना है। खुशी है कि कोशिश रंग ला रही है। हम उस अंतिम मूक-बधिर व्यक्ति के लिए भी कुछ कर पा रहे हैं, जिनसे जीवन से जुड़ी कई आशाएं खो दी थीं। हम उसे हाथ पकड़ कर आगे लाने की कोशिश कर रहे हैं।

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