Indore : लो…इंदौर में होने लगी है सेवफल की खेती !

सेब का न्यूट्रीशन वैल्यू कश्मीर और हिमाचल के सेबों से भी ज़्यादा

0
838

लोकल इंदौर। (धर्मेन्द्र चौहान ) मालवा  की जलवायु ऐसी है कि यहा सब कुछ पैदा हो जाता है l संतरे और ड्रेगन फ्रूट के  बाद अब इंदौर में  में  सेवफल  की भी खेती होने लगी हैl इंदौर मात्र 25 किलोमीटर दूर ग्राम खुड़ेल खुर्द में इन दिनों प्रयोग के तौर पर 20 पौधों को लगाया गया इनमें से 12 पौधों में भरपूर सेब आ गए है।

कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक इस सेब का न्यूट्रीशन वैल्यू कश्मीर और हिमाचल के सेबों से भी ज़्यादा है। कमाल की बात यह है कि यह सेब पूरी तरह प्राकृतिक है। इसे किसी वैज्ञानिक ने प्रयोगशाला में ईजाद नहीं किया, बल्कि एक किसान और  पेशे से सर्जन डॉक्टर केसी शर्मा ने इसकी खोज की है।

सेब के पौधे को लगाने के लिए सबसे पहले गड्डा खोदना पड़ता है। फिर उसमें कीटनाशक डालना पड़ता है, ताकि कोई बीमारी ना आए। इसके बाद पौधे को कार्बेंडाजाइम में उपचारित करके लगाया जाता है। सेब की खेती में दूसरे तमाम झंझटों से छुटकारा है, इसमें केवल सिंचाई देकर भी अच्छे फल प्राप्त किए जा सकते हैं। यह प्रजाति का नाम हरमन-99 है ।

Indore SEX रैकेट: मंत्री विजय शाह ने दिया ये जवाब ! देखे वीडियो

इसे नवंबर से फरवरी माह के आखऱि तक बोया जा सकता है। हालांकि, इसमें ध्यान रखने वाली बात ये है कि जब भी इसके पौधे  लाए जाएँ, तो उसके एक सप्ताह के अंदर ही इन्हें गड्डे में लगा दिया जाए। नहीं तो ये पौधे सूख जाते हैं। पेशे से सर्जन डॉक्टर केसी शर्मा भारत सरकार की साइंस एंड टेक्नोलॉजी की टेक्निकल एडवाइजऱी कमेटी के सदस्य हैं और कई राष्ट्रीय पुरस्कारों समेत से भी सम्मानित हैं। डॉ. शर्मा गर्मियों में पैदा होने वाले इस सेब के प्रचार, प्रसार और विकास के लिए दो दशक से काम कर रहे हैं। वह बताते हैं कि इस सेब को खोजा था हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर के एक ज़मींदार हरिमन शर्मा ने उन्हीं के नाम पर सेब की इस किस्म का नाम रखा गया है।

लोकल इंदौर का एप गूगल से डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें... 👇 Get it on Google Play

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here