आज से नया वर्ष : कोरोना से निजात 29 जून के बाद :ज्योतिष शशिकांत गुप्ते

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लोकल इंदौर २५ मार्च।   आज से भारतीय  नव वर्ष प्रारम्भ हो रहा है। इंदौर के ज्योतिष शशिकांत  गुप्ते के अनुसार वर्तमान संकटग्रस्त स्थिति में ज्योतिष शास्त्र के अनुसार फलादेश  इस प्रकार रहेगा यह फलादेश ज्योतिष शास्त्र के मेदिनीय शाखा के सिंद्धांत के अनुसार किया गया है।
25 मार्च 2020 को भारतीय  नव वर्ष प्रारम्भ हो रहा है।तिथी की गणना के अनुसार 24 मार्च 2020 को दोपहर 2 बजकर 58 मिनिट पर अमावस्या का अंत हो रहा है।इसे आमान्त का समय कहते हैं।24 मार्च की आमान्त के समय देश की राजधा नी दहली में कर्क लग्न 23 अंश 43 कला पर उदित था।वर्ष प्रवेश की कुंडली के साथ 22 दिसम्बर 2019 का भी महत्व है।इस दिन मकरायन होता है।(मकरायन की गणना सायन पध्दति के आधार पर होती है।इसे ट्रॉपिकल सिस्टम कहते हैं।
मकरायन के समय सुबह 9 बजकर 48 मिनिट पर देहली के अक्षांश के अनुसार,मकर  लग्न 15 अंश 35 कला पर उदित था।मेदिनीय ज्योतिष में ग्रहण का भी महत्व है।26 दिसम्बर 2019 को,सूर्य ग्रहण था,इस दिन आमान्त के समय,देहली में कुंभ लग्न 10 अंश 43 कला पर उदित था।भारत के स्वतंत्रता की। कुंडली  में 15 अगस्त 1947 को 12 बजे मध्य रात्रि को देहली में वृषभ लग्न 7 अंश 45 कला 57 विकला पर उदित था।
इन सभी कुंडलियों का आनशात्मक अध्ययन करने पर प्लूटो ग्रह का प्रभाव ज्यादा दृष्टिगोचर होता है।प्लूटो के साथ नेपच्यून और हर्षल का भी प्रभाव दिखाई दे रहा है।हर्षल का अशुभ प्रभाव विश्वस्तर पर होता है।नेपच्यन सूक्ष्म अध्यनय के लिए कारक ग्रह है।उपर्युक्त कुंडलियों का अध्यनय करने पर यह फलादेश होता है कि,देश की मूल कुंडली मे स्थित सूर्य से और शनि से, नेपच्यून और सूर्य का आनशात्मक षडाष्टक योग बन रहा है,प्लूटो का भी मूल कुंडली के सूर्य और शनि से षडाष्टक योग बना है।प्लूटो विशाल समूह का धोतक है।
मेदिनीय ज्योतिष के अनुसार जब कोई ग्रह अतिचार गति से चलता है,तब वह बहुत ही अशुभ फल देता है।4 नवंबर को गुरु का राशि परिवर्तन हुआ तब ही से गुरु अतिचार गति से गोचर कर रहा है।9 जनवरी 2020 को गुरु और प्लूटो की अंशात्मक युति(conjunction) हुई।
यहीं से कोरोना का भय शुरू हुआ
7 मार्च 2020 को प्लूटो ने राशि परिवर्तन किया।प्लूटो 7 मार्च 2020 को ने सुबह 7 बजकर 39 मिनिट पर मकर राशि मे प्रवेश किया। 22 मार्च को प्लूटो की अंशात्मक युति मंगल से हुई।यह सारी ग्रहों की स्थिति का अंशात्मक गणितीय अध्ययन करने पर यह  निम्न फलित बनता है।
भारत की मूल कुडंली में षष्ठ,अष्ठम स्थान और काल पुरुष की कुंडली जिसे “आधान” कुंडली कहते है।इस कुंडली के चतुर्थ,नवम,और दशम स्थान प्राभावित हो रहे हैं। मेदिनीय ज्योतिष के नियमानुसार उपर्युक्त स्थानों का प्रभावित होना दर्शाता है कि,रोग का फैलाना और महामारी का रूप लेना।जो वर्तमान में रहा है।प्लूटो जो विशाल समूह का धोतक है,उसका असर भी तादाद में मृत्यु और तादाद में लोगों का रोगग्रस्त होने दर्शाता है।जो ही भी रहा है।
अनिष्टकारी घटना घटित हो सकती है
आने वाले समय मे 31 मार्च और 1 अप्रैल के मध्य रात्रि बहुत ही सावधानी बरतने की सलाह बनती है।31 मार्च और 1 अप्रैल को कोई बहुत बड़ी अनिष्टकारी घटना घटित हो सकती है।इस दिन इस रोग का प्रभाव देश के दक्षिण दिशा में  दिखाई दे सकता है।
29 जून के बाद ही निजात
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 14 अप्रैल 2020 के बाद इस रोग की तीव्रता कम होना शुरू होगी।अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक इस रोग के लिए कोई कारगर दवा की ख़ौजने में चिकित्सा विज्ञान में अनुसंधान कर रहे वैज्ञानिकों को सफलता प्राप्त होने की पूर्ण संभावना है।इस रोग की तीव्रता धीरे धीरे कम होगी।15 मई के बाद धीरे धीरे तीव्रता  कम होगी।पूर्ण रूप से 29 जून के बाद ही निजात मिलेगी।
प्लूटो को यम भी कहा गया है।यम अर्थात मृत्यु के देवता।प्लूटो और गुरु की युति धर्मांधता को भी दर्शाती है।गुरु का धर्म पर पूर्ण प्रभाव होता है।गुरु के अतिचार गति का अशुभ परिणाम हम देख ही रहे हैं।पहली बार देश के तमाम धार्मिक स्थलों को पूर्ण रूप से कई दिनों तक बंद करना पड़ रहा है।
“जीवन बीमा निगम”के प्रभावित होने का योग
25 मार्च से नवरात्र शुरू हो रहा है इस नवरात्रि का बहुत महत्व है,इसे बडी नवरात्रि कहते हैं।इस नवरात्रि में सारे धार्मिक स्थल बंद रहन भी प्लूटो और गुरु के अशुभ प्रभाव की पुष्टि करती है।
जो गृहों के योग उपर्युक्त कुंडलियों में बन रहे हैं,उनका असर इस रोग के अलावा,आर्थिक स्थिति पर भी पड़ेगा,सबसे ज्यादा “जीवन बीमा निगम”के प्रभावित होने का योग बनता है।मेदिनीय ज्योतिष में इसका स्पष्ट उल्लेख है।
सुप्रीम कोर्ट में लंबित प्रकरणों में सरकार के विरुध्द फैसला होने की भी पूर्ण संभावना है।
सेक्स स्केंडक उजागर होंगे 
उच्च पदों पर आसीन रसूखदार लोगों के सेक्स स्केंडक उजागर हो सकते हैं।जो हुए हैं उनमें ऐसा लोगो को सजा हो सकती है।किन्ही दो या तीन राष्ट्रीय नेताओं का स्वास्थ्य चिन्ताजनक हो सकता है।मृत्यु की भी संभावना है।
एक महत्वपूर्ण योग 9 जनवरी को 2020 को भी हुआ है।इस दिन और प्लूटो की युति हुई थी। धर्मांधता को बढ़ावा देने वाले एक्सपोज होंगे।यह घटनाएं 14 अप्रैल से 29 जून के बीच होने संभावना है।
व्यापर की स्थिति भी 23 अप्रैल के बाद सुधरेगी
जो लोग स्पेकुलेशन में सलग्न हैं, उन्हें सावधानी बरतने की सलाह बनती है।उनके सारे अनुमान गड़बड़ाने की संभावना है।
केमिकल के सबंधित व्यापर में धीरे धीरे सुधार होगा।आई.टी. क्षेत्र में चल रही मंदी मई माह से दूर होने की संभावना है।
राजनीतिक में आश्चर्यजनक उलट फैर होंगे।न भूतों न भविष्यति जैसे उलट फैर होने की संभावना है।
अप्रैल,मईऔर जून  क़ी  ये तारीखे 
इस समयावधि में निम्न तारीखों के आस पास विशेष रुप से घटनाएं घटित होने की संभावना है।1,2 ,3,14,और 26 अप्रैल,मई माह में 1 मई 14,22,24,मई।जून माह में 3,13,14,और 1 जुलाई तक।इन दिनों कोई विशिष्ठ घटना घट सकती है।किसी धार्मिक मठ के मठाधीश पर गंभीर आरोप लग सकते हैं।
यह फलित,ज्योतिष शास्त्र के मेदिनीय शाखा के सिद्धांत अनुसार किया गया है।
ज्योतिष शास्त्र पूर्ण विज्ञान है।विज्ञान के साथ एक वाक्य जुड़ जाता है।”nothing is definite in this world” और “nothing is perfect in this world”।
यह बात हर एक विज्ञान सम्मत विषय के लिए लागू होती है।
कोई भी वैज्ञानिक किसी भी तरह का दावा नहीं कर सकता।
ज्योतिषी शशिकान्त गुप्ते
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