चित्रकूट के पावन तीर्थ में २९ मई से मोरारीबापू द्वारा बिना श्रोता की रामकथा

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 मध्य प्रदेश में, मंदाकिनी नदी के किनारे पर बसा चित्रकूट भारत के सबसे प्राचीन तीर्थस्थलों में एक है। चारों ओर से विंध्य पर्वत श्रृंखलाओं और वनों से घिरे चित्रकूट को अनेक आश्चर्यों की पहाड़ी कहा जाता है। वनवास काल में साढ़े ग्यारह वर्ष तक भगवान राम, माता सीता तथा अनुज लक्ष्मण की निवास स्थली रहा चित्रकूट, मानव हृदय को शुद्ध करने और प्रकृति के आकर्षण से साधकों को आकर्षित करने में सक्षम है, साथ साथ अपने आध्यात्मिक महत्त्व के लिए प्रसिद्ध है। इसी स्थान पर ऋषि अत्रि और सती अनसुइया ने ध्यान लगाया था। ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने चित्रकूट में ही सती अनसुइया के घर अंश रूप में क्रमश: चन्द्रमा, दत्तात्रेय और दुर्वासा के रूप में जन्म लिये थे। इसी जिले में राजापुर है। जहाँ कुछ लोग तुलसीदासजी का जन्म स्थान बताते हैं। ऐसी राम के चरणरज से पावन इस स्थली में मोरारीबापू द्वारा कोरोना नियमों के पूर्ण पालन के साथ बिना श्रोता के आयोजित 860वीं राम कथा का सीधा प्रसारण आस्था चैनल पर  29 मई 2021, सायं 4:00 से 6:00 बजे तक और 30 मई से 6 जून 2021, प्रातः 10:00 से 1:30 बजे तक दिखाया जायेगा।
    यह सुविदित है कि श्री चित्रकूटधाम में बापू ने अपनी दशकों की कथा यात्रा में अनेक बार रामकथा का रसपान करवाया है। यह भूमि श्रीराम और श्रीरामकथा की भूमि है।
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