इंदौर में ऐसा भी :उपवास की सामग्री में भी अन्न की मिलावट !

अग्रवाल ब्रांड के सिंघाड़ा एवं राजगिरा आटा निर्माण में चावल की टुकड़ी पाई गई

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लोकल इंदौर १०अक्तूबर ।आप अपने  तन और मन से पूरी आस्था से जगत जननी  माता के उपवास करते हैं  और जब  उपवास में उपयोग करने वाली  खाद्य सामग्री  खाते है तो क्या वे सही में उपवास में उपयोग करने वाली होती है या उनमें  मिलावट  होती हैl वह भी ऐसी कि आपका व्रत ही खंडित हो जाय l 

आपको शायद यकीन नहीं हो रहा होगा पर सही है इंदौर में कल रात खाद्य एवं औषधी प्रशासन की टीम ने ऐसा ही खुलासा किया एक नामी अग्रवाल के ब्रांड से बिकने वाली ऐसी ही खाद्य सामग्री   का l

खाद्य एवं औषधी प्रशासन की टीम ने शनिवार  शाम मेसर्स अग्रवाल गृह उद्योग पालदा उद्योग नगर पर छापा मार जांच शुरू की।जांच के लिए पहुंचे अफसर भी इस मिलावट को देख हैरान रह गए।अग्रवाल के ब्रांड से बिकने वाला सिंघाडा और राजगिरा का आटा गंदगी के बीच तो रखा हुआ ही था। साथ ही इसें चावल की टुकडी की मिलावट भी की जा रही थी। विभाग ने 8 लाख की कीमत का 10 टन माल जप्त किया है।

अधिकारियों के मुताबिक यहां पर परिसर में काफी गंदगी थी। यहा पर जो भी सामान बन रहा था वहां पर सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा था। जमीन पर नीचे तैयार खाद्य पदार्थ रखे हुए थे। साथ ही सिंघाड़ा एवं राजगिरा आटा निर्माण में चावल की टुकड़ी पाई गई । जो कि नियमानुसार गलत है।मौके पर उपस्थित फर्म के प्रोपराइटर ओमप्रकाश गर्ग से जांच हेतु खाद्य पदार्थ सिंघाड़ा आटा, राजगिरा आटा, दलिया, चावल टुकड़ी आदि के कुल 14 नमूने जांच के लिए गए है। वहीं मिलावट की आशंका पर सिंघाड़ा आटा, राजगिरा आटा, चावल टुकड़ी, दलिया, सिंघाड़ा आदि लगभग 10 टन जिसकी कुल कीमत अनुमानित रुपये 8 लाख है, को जब्त कर वहीं रखवाया गया है। अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों का निर्माण विक्रय भंडारण एवं मिलावट के चलते ओमप्रकाश गर्ग के विरुद्ध केस भी दर्ज करवाया गया है।

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विभागीय सूत्रों के अनुसार लंबे समय से अग्रवाल गृह उद्योग की शिकायत मिल रही थी कि यहां पर उपवास में उपयोग में आने वाले पदार्थो में मिलावट कर लोगों की भावनाओं से खिलवाड किया जाता है। नवरात्र में इस प्रकार के खाद्य पदार्थ की मांग बढ़ जाती है। जिसकी आपूर्ति करने के लिए इस प्रकार से चावल और दलिया की टुकडी की मिलावट की जा रही थी। ताकि ज्यादा माल दुकानों पर भेज कर मुनाफा कमाया जा सकें।

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