बांग्लादेश से अवैध तरीके से वो भारत आई और फिर …. पुलिस भी रह गयी भौंचक

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फिरौती के लिए अपहरण कर बंधक बनाने वाले 03 आरोपी निकले बांग्लादेशी।*
▪ *देह व्यापार नेटवर्क से जुड़े हैं आरोपी*
▪ *अलग अलग नाम से एक ही आरोपी ने बनवा लिए थे बांग्लादेश व भारत के पासपोर्ट ।*
▪ *आरोपियों ने इंदौर के स्थानीय लोगों के माध्यम से फर्जी दस्तावेज भी किए हासिल , 03 स्थानीय आरोपी भी गिरफ्तार।*
▪ *नकली नोट बनाने व चलाने के काम में भी लिप्त निकला एक आरोपी ।*
लोकल इंदौर 13 फरवरी।  इंदौर में पुलिस जब एक अपहरण और फिरौती के मामले की जाँच में जुटी तो वह भौंचक रह गयी।  उसे  यकीन भी  नहीं  था की इतने सारे मामले सामने आएंगे। बांग्लादेश से अवैध तरीके से भारत आने के बाद नकली नॉट छपने , नकली अंक सूची छपवाने उनसे वाहन लायसेन्स बनवाने के अलावा देह व्यापार करने का भी खुलासा हुआ है।
मामले की शुरुआत थाना हीरा नगर क्षेत्र अंतर्गत गौरी नगर में रहने वाले अनिल पाल पिता राम मनोहर पाल नामक युवक के अपहरण और उसकी फिरौती को ले कर हुई। ५ फरवरी की शाम लगभग 6 : 00 बजे फिरौती के लिए अपहरण कर दत्तनगर स्थित अपने किराए के मकान में बंधक बनाकर रखने , मारपीट करने व दो लाख रुपए की फिरौती मांगने की जाँच कर रही पुलिस को इसके आरोप  में  पकड़े  4 आरोपियों में से 03 आरोपी बांग्लादेश के रहने वाले निकले हैं । तो पुलिस की जांच का दायरा बढ़ा।
ज्ञातव्य है कि उक्त प्रकरण में दिनांक 8 / 2 / 2020 को हीरानगर पुलिस द्वारा आरोपी किशोर पिता उत्तम खंडारे निवासी वायांगड़ , थाना मानोरा जिला वाशिम महाराष्ट्र, मेघा पति किशोर खंडारे , रोनी शेख पिता रोहित शेख निवासी कठुआ जिला बागेरहट (बांग्लादेश) एवं लीमा पुत्री हैदर हलदर निवासी बागेरहट  (बांग्लादेश) को गिरफ्तार किया था ।
बिना पासपोर्ट  आई भारत 
आरोपियों से हुई गहन पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि आरोपी लीमा व रोनी शेख बिना वैध प्रपत्रों के व बिना पासपोर्ट के भारत में प्रवेश किए हैं तथा आरोपी रोनी शेख, लीमा को देह व्यापार के प्रयोजन से आरोपी किशोर खंडारे के पास लाया था । आरोपियों से पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि एक आरोपी मेघा खंडारे बांग्लादेशी नागरिक है । वह लगभग 10 वर्ष पूर्व काम की तलाश में बिना वैध पासपोर्ट आदि के मुंबई में आई थी   देह व्यापार के काम में लिप्त रही व फिर इसी दौरान लगभग 3 वर्ष उसने वाशिम जिले के रहने वाले एक डाइवर किशोर खंडारे से शादी कर ली ।
भारत और बंगला देश  दोनों के पासपोर्ट 
इसी अवधि में उसने वापस बांग्लादेश जाकर वहां से बांग्लादेश का पासपोर्ट हासिल कर लिया । उसका असली नाम बेगम खातून पिता अब्दुल शेख है जो कि ग्राम पुलिया , सतखिला , बांग्लादेश की निवासी है ।उक्त आरोपी के पास बेगम खातन के नाम से बना बांग्लादेशी पासपोर्ट भी जप्त हुआ है जिस पर वीजा प्राप्त कर वह 2017 में फिर से भारत आई थी तथा काम की तलाश में अपने पति के साथ इंदौर में आकर यहां अलग – अलग स्थानों पर किराए के मकान ले कर रही.
देह व्यापार को बनाया आजीविका 
इंदौर में आरोपी किशोर खंडारे और बेगम खातून उर्फ मेघा ने देह व्यापार को ही अपनी आजीविका का जरिया बनाया । वीजा अवधि समाप्त हो जाने पर बेगम खातन उर्फ मेधा द्वारा अपने पति किशोर खंडारे के साथ मिलकर मेघा खंडारे के नाम से भारत का पासपोर्ट भी हासिल कर लिया । पासपोर्ट के लिए उक्त बेगम खातून और मेघा के पति किशोर खंडारे ने अपने मकान मालिक से किराएदारी का 11 माह का अनु बंध बनवा कर उक्त अनुबंध पत्र के आधार पर मेघा का आधार कार्ड में इंदौर का पता अपडेट करा लिया व मरीमाता चौराहे के पास कंप्यूटर की दुकान चलाने वाले शिव कुमार यादव पिता बजभान सिंह यादव निवासी ब्रहमबाग कॉलोनी के माध्यम से 8000 रुपए में अशोक अग्रवाल पिता तोताराम अग्रवाल नि नंदानगर से वर्ष 2003 – 04 की कक्षा 8 की फर्जी अंकसची तैयार कराई ।
आरोपियों के कब्जे से भारत का पासपोर्ट तथा नकली अंकसची सहित अन्य दस्तावेज भी जप्त हुए हैं, नकली अंकसूची बनाने वाले एवं सहयोग करने वाले आरोपी शिव कुमार यादव एवं अशोक अग्रवाल को भी गिरफ्तार कर लिया गया है ।
आरोपी अशोक अग्रवाल से हुई विस्तृत पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि इसके द्वारा लगभग 100 से भी अधिक नकली अंकसूची पांचवी एवं आठवीं क्लास की बनाई गई है जिसमें से अधिकांश अंकसूची उसने परिवहन कार्यालय इंदौर में एजेंट का कार्य करने वाले बाबूलाल गौर को दी है जो अंकसूची के आधार पर विभिन्न लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस इत्यादि बनवाने एवं कुछ किशोर युवकों को अंकसूची के आधार पर आयु प्रमाणन कराकर उन्हें खेलों में शामिल कराने का काम करता है । जिस आधार पर आरोपी बाबूलाल गौड़ पिता नारायण गौड़ नि भाई मोहल्ला , इमली बाजार इंदौर को भी गिरफ्तार कर लिया गया है । उक्त सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ।
नकली नोट  भी छापे  और चलाये 
पुलिस पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी किशोर खंडारे जब वर्ष 2018 में विश्वास नगर इंदौर में रहता था तब उसके दिमाग में नकली नोट प्रिंट करने का विचार आया और उसके दवारा रंगीन फोटो कॉपी और प्रिंटर खरीद कर अपने घर में 100 200 व 500 के नोटों की फोटोकॉपी करा कर लगभग 8 – 10 हजार के नोट पीथमपर एवं महूं क्षेत्र में चलाए हैं । आरोपी के कब्जे से दो नमूना नकली नोट भी जप्त किए गए हैं ।
प्रकरण में आरोपियों के विरुद्ध थाना हीरा नगर में धोखाधड़ी करने, कूट रचना करने, नकली नोट चलाने व बनाने तथा पासपोर्ट अधिनियम के उल्लंघन व विदेशी विषयक अधिनियम के उल्लंघन के तहत विभिन्न धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं। पुलिस द्वारा आरोपियों से प्रकरण में विस्तृत पूछताछ की जा रही हैं।
उक्त सराहनीय कार्यवाही में वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना हीरानगर के उनि जगदीश मालवीय , प्रार पंकज राजावत, आर महेंद्रसिंह , आर अजीत यादव, आर सुनील बाजपेई , आर अनिल परमार , आर आशा आलेरिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही ।
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