चंद्र ग्रहण से कुंभ, तुला, वृषभ को धन लाभ के योग!  –  पं अजय शर्मा

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  ग्रहण एक खगोलीय घटना है। जब सूर्य, पृथ्वी,और चंद्रमा एक क्रम में सीधी रेखा में आते हैं। ज्योतिष के अनुसार ग्रहण लगना अशुभ माना जाता है। इसलिए ग्रहण के समय कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित है। रविवार 5 जुलाई को सुबह चंद्र ग्रहण है। ये भारत में तो दिखाई नहीं देगा, पर इसके प्रभाव को यहाँ भी महसूस किया जाएगा।
  आषाढ़ पूर्णिमा के दिन लगने वाला उप छाया चंद्र ग्रहण 5 जुलाई रविवार को सुबह 8 बजकर 37 मिनट पर शुरू होगा। ग्रहण सुबह 9.59 मिनट पर अपने पूर्ण प्रभाव में होगा। चंद्र ग्रहण दिन के 11.22 मिनट पर खत्म हो जाएगा। इस बार का ग्रहण 2 घंटे 43 मिनट और 24 सेकेंड तक रहेगा। कर्क राशि पर इस ग्रहण का सीधा असर पड़ने के आसार है। कर्क राशि का स्वामी चंद्र होने के कारण अपने मित्र, निकटतम लोगों और संतान पक्ष के लिए शुभ नहीं है! इसलिए इस राशि के जातकों को सावधान रहने की जरूरत है। ग्रहण के समय चन्द्र धनु राशि में स्थित होने से धनु राशि पर भी इसका असर जरूर पड़ेगा।
ग्रहण का  विभिन्न राशियों पर प्रभाव देखिए। जन्म पत्रिका में ग्रहों की स्थिति परिवर्तित होने से प्रभाव में भी बदलाव संभव है।
– मेष : इस राशि वालों के लिए ग्रहण का आर्थिक स्थिति पर प्रभाव हो सकता है। मन अशांत रहेगा जिससे नकारात्मक विचार उत्पन्न होंगे। कलह की स्थिति में अपने आपको नियंत्रित करना होगा। भाग्य के भरोसे न रहें। कार्य क्षेत्र में काम बन सकता है।
उपाय :  मंगल मंत्र  ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
दान : प्रवाह, गेहूं, मसूर, लाल वस्त्र, गुड़, स्वर्ण, ताम्र।
वृषभ :  इस राशि के अष्टम भाव में ग्रहण के प्रभाव से सेहत पर असर हो सकता है। आप कोई बड़ा कार्य अथवा पैसो से संबंधित कार्य करने जा रहे हैं, तो आपको अपने जीवन साथी अथवा पार्टनर से सलाह की जरूरत होगी। अच्छी बात यह है कि धन लाभ भी हो सकता है।
शुक्र मंत्र- ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः।
दान- धेनु, हीरा, रौप्य, स्वर्ण, सुगंध, घी।
– मिथुन : स्वास्थ के प्रति लापरवाही नहीं करें, न पैसों का लेनदेन करें। किसी से भी अकारण विवाद से बचें बचे। पत्नी की सलाह मानें। अविवाहितों को विवाह के प्रस्ताव मिलने के योग दिखाई दे रहे हैं।
बुध मंत्र – ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः।
दान :  पीली दाल, बर्तन, कपड़े, फल और कांसे से संबंधित वस्तुएं।
– कर्क : इस राशि के जातकों पर ग्रहण का सीधा असर पड़ सकता है। कर्क राशि का स्वामी चन्द्र होने के कारण अपने मित्र, निकटतम लोगों और संतान पक्ष के लिए ग्रहण शुभ नहीं है, सावधान रहने की जरूरत है। स्वास्थ की दृष्टि से यह ग्रहण ठीक नहीं है, इसलिए समय-समय पर चिकित्सक की सलाह जरूर लें।
चंद्र तांत्रिक मंत्र : ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः।
दान- वंशपात्र, तंदुल, कपूर, घी, शंख।
– सिंह : मान सम्मान में कमी आ सकती है। संतान पक्ष के लिए कठीनाई उत्पन्न होने के आसार हैं। इस राशि के जातक धैर्य रखें और शांति से कार्य करें।
– सूर्य तांत्रिक मंत्र : ॐ ह्रां ह्रीं हौं सः सूर्याय नमः
दान : माणिक्य, गेहूं, धेनु, कमल, गुड़, ताम्र, लाल कपड़े, लाल पुष्प, स्वर्ण।
– कन्या : कुटुंब स्थान अर्थात कन्या राशि के चौथे भाव में चन्द्र की स्थिति होने से इस राशि वालों के लिए ग्रहण शुभ नहीं है। कार्यस्थल पर परेशानी का सामना करना पड सकता है। ऐसी स्थिति में सावधानी बरतने की जरूरत है।
बुध मंत्र : ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
दान :  कपड़े, फल,  पीली दाल, बर्तन और कांसे से संबंधित वस्तुएं।
– तुला : इस राशि  जातकों के लिए ग्रहण शुभ समाचार ला सकता है। पराक्रम भाव अर्थात तीसरे भाव में ग्रहण होने से आपसी रिश्ते मजबूत होगें। साथ ही आपके सगे-संबधियों का सहयोग मिलेगा व परेशानी से निजात मिल सकती है।
शुक्र मंत्र : ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः।
दान : धेनु, हीरा, रौप्य, सुवर्ण, सुगंध, घी।
– वृश्चिक : वाणी पर नियत्रंण रखें, धन स्थान पर ग्रहण के प्रभाव से धर की समस्या हो सकती है। सोच समझकर धन का निवेश करें। लाभ और खर्च दोनों होने से मन अशांत रह सकता है।
मंगल मंत्र : ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
दान : प्रवाह, गेहूं, मसूर, लाल वस्त्र, गुड़, स्वर्ण, ताम्र।
– धनु : आपकी राशि के लिए ग्रहण का असर नकारात्मक रूप में देखने में आ सकता है। बनते काम का बिगड़ना व धन हानि के संकेत हैं। कार्य को लेकर बेचैनी रहेगी। सावधानी बरतें।
गुरु मंत्र : ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः
दान : अश्व, शर्करा, हल्दी, पीला वस्त्र, पीत धान्य, पुष्प राग, लवण।– मकर : धन संबधी कार्य में कोई जोखिम लेने से बचें अन्यथा हानि हो सकती है। खर्चे में वृद्धि हो सकती है स्वास्थ संबंधी समस्या भी उत्पन्न हो सकती है, अतः सर्तकता बरतें। धार्मिक क्रिया-कलापों से लाभ हो सकता है। मन शांत रह सकता है।
शनि मंत्र : ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः
दान : तिल, तेल, कुलित्थ, महिषी, श्याम वस्त्र।
– कुंभ : आपके लिए ग्रहण शुभ संकेत की और इशारा कर रहे हैं। ग्रहण के प्रभाव से आत्मबल मजबूत हो सकता है। नए कार्य करने के लिए भी समय अच्छा रहेगा व रुका हुआ धन वापस मिल सकता है।
शनि मंत्र : ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः
दान : तिल, तेल, कुलित्थ, महिषी, श्याम वस्त्र।
– मीन : आपकी राशि विशेषकर सरकारी अथवा अशासकीय कर्मचारियों के लिए समय अनुकूल नहीं है। निकटस्त अधिकारियों से अकारण विवाद हो सकता है, इसलिए विवाद की स्थिति में शांत रहें। परिवार के सदस्यों से सहयोग मिलेगा।
गुरु मंत्र : ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः
दान : अश्व, शर्करा, हल्दी, पीला वस्त्र, पीतधान्य, पुष्पराग, लवण।
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(लेखक ज्योतिष और कुंडली विशेषज्ञ हैं)
संपर्क : +91 98930 66604 
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