इंदौर से गुजरात बार्डर तक फोरलेन सड़क बनाने वाली कंपनी को टर्मिनेशन नोटिस!

2010 में शुरू किया गया था फोरलेन का कार्य

0
459

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने इंदौर से गुजरात बार्डर तक फोरलेन सड़क बनाने वाली कंपनी को टर्मिनेशन नोटिस थमाया है। फोरलेन बनाने वाली आइवीआरसीएल कंपनी न केवल हाईवे में बारिश के कारण हुए गड्ढों को भर रही है, बल्कि प्रोजेक्ट के कई काम अब भी अधूरे छोड़ रखे हैं। अथारिटी को प्रीमियम के रूप में कंपनी से लगभग 50 करोड़ रुपये की राशि वसूलना है, जो वह नहीं दे रही है।

इन्हीं कारणों से नई दिल्ली स्थित एनएचएआइ मुख्यालय ने कंपनी को टर्मिनेशन नोटिस दिया है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आइवीआरसीएल कंपनी को जवाब देने और बताए गए सभी काम शुरू करने के लिए 15 दिन की समय सीमा दी गई है। यदि टर्मिनेशन नोटिस के बावजूद कंपनी हरकत में नहीं आई तो एनएचएआइ जल्द ही सख्त कार्रवाई करेगी। इंदौर से गुजरात सीमा पर पिटोल तक फोरलेन सड़क का निर्माण का प्रोजेक्ट 7 नवंबर 2018 को पूरा हुआ था

Indore : अपराधी बेखौफ :ट्रेवल संचालक पर हमला देखे वायरल वीडियो

हालांकि, कंपनी तब तक माछलिया घाट में काम नहीं कर पाई थी। इस परियोजना पर करीब 1175 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। कंपनी को एनएचएआइ ने 25 साल तक टोल टैक्स वसूली के अधिकार दिए हैं। वर्तमान में हालत यह है कि बारिश से गड्ढों के कारण फोरलेन सड़क खराब होती जा रही है, जबकि चालकों से टोल टैक्स के रूप में पूरी राशि वसूली जा रही है। माछलिया घाट और सरदारपुर पक्षी अभयारण्य क्षेत्र में वन विभाग से जमीन मिलने के बाद अब एनएचएआइ एक अन्य कंपनी से 16 किलोमीटर लंबे हिस्से को चौड़ा करने का काम करवा रही है।

मार्च-19 से अगस्त-21 तक की प्रीमियम बकाया

इंदौर-गुजरात बार्डर फोरलेन सड़क संभालने वाली कंपनी को एनएचएआइ ने टर्मिनेशन नोटिस दिया है। विभाग को कंपनी से 1 मार्च 2019 से 31 अगस्त 2021 तक लगभग 50 करोड़ रुपये की प्रीमियम वसूलना है। इसके अलावा कंपनी वर्तमान सड़क का रखरखाव भी शर्तों के अनुसार नहीं कर रही है। इससे सड़क पर गड्ढे उभर आए हैं। इससे वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। कंपनी ने जंक्शन निर्माण समेत कुछ अधूरे काम अब तक पूरे नहीं किए हैं

मनीष असाटी, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआइ

धार से राजगढ़ तक 150 स्थानों पर सड़क खराब, खास समस्या 16 किलोमीटर के माछलिया घाट में

इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन धार, झाबुआ व इंदौर से होकर गुजर रहा है। यह प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर को सीधे गुजरात की व्यावसायिक नगरी अहमदाबाद से जोड़ता है। फोरलेन पर पहले ही टोल की दर बहुत अधिक है। बारिश के दिनों में सड़क की बुरी दशा हो गई है। हालत यह है कि धार-इंदौर-राजगढ़ के बीच ही करीब 150 से अधिक स्थानों पर सड़क खराब है, वहीं झाबुआ से राजगढ़ तक की यात्रा में संघर्ष करना पड़ता है। माछलिया घाट में 16 किमी के हिस्से में फोरलेन बना ही नहीं है। निर्माण कार्य व बारिश के कारण हालात ये हैं कि हर रोज घाट में घंटों जाम लग रहा है।

यह भी जानें

– 155 किलोमीटर है इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन की इंदौर से पिटोल तक की लंबाई

– 2010 में शुरू किया गया था फोरलेन का कार्य

– 139 किमी राजमार्ग का कार्य किया गया

– 2018 से टोल वसूला जा रहा है

– धार व इंदौर जिले की सीमा पर मेठवाड़ा में है पहला टोल

– धार व झाबुआ जिले की सीमा दत्तीगांव पर है दूसरा टोल

– 18 हजार तक छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं प्रतिदिन

साभार

लोकल इंदौर का एप गूगल से डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें... 👇 Get it on Google Play

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here