ऑटोमोबाइल सेक्टर में मंदी पीथमपुर में ही ३ हजार लोगों को निकाला …

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लोकल इंदौर २९ अगस्त । देश के साथ इंदौर के पीथमपुर का  ऑटोमोबाइल क्लस्टर  भी आर्थिक मंदी की  गिरफ्त में है कंपनियों ने अपना उत्पादन करीब 35 फ़ीसदी घटा दिया हैऔर यहां  की कम्पनियों में काम करने वाले  ३ हजार कर्मचारियों की नौकरी  छीन चुकी है .

नही हो रही बिक्री 

जानकारी के अनुसार बाज़ार में घटटी बिक्री के चलते  आयशर, फोर्स मोटर्स, लार्सन एंड टूब्रो और महिंद्रा जैसी ऑटोमोबाइल कंपनियों ने अपना उत्पादन 35 फीसदी तक घटा दिया है. डीलर और कंपनियों के पास मौजूद स्टॉक के अलावा बाजार में भारी वाहनों की मांग उत्पादन की तुलना में अब आधी भी नहीं बची है.

बीते वित्तीय साल से अधिकांश कंपनियां 30 से 50 फीसदी तक उत्पादन में कटौती कर चुकी हैं. इस स्थिति के चलते बड़ी संख्या में कर्मचारी बेरोजगार हो चुके हैं. इनमें सबसे ज्यादा बुरी स्थिति ठेका कर्मचारियों की है. जिन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है. पीथमपुर में ही इनकी संख्या करीब तीन हजार है. डीलरों के अलावा ऑटोमोबाइल सेक्टर की दूसरी संबद्ध कंपनियों की बात करें तो बेरोजगारों की संख्या करीब 25000 तक है.

बचे मजदूरों को आधी सेलरी 

ऑटोमोबाइल सेक्टर में मंदी के हालात की वजह से कर्मचारियों को आधे वेतन पर काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जबकि कुछ कंपनियों में कर्मचारियों का वेतन 10-20 फीसदी तक घटाया गया है. मंदी की मार के चलते ऑटोमोबाइल सेक्टर की प्रमुख कंपनियों में भी ले ऑफ (निकालने) जैसी स्थिति बन रही है. हाल ही में आयशर जैसी कंपनी भी अपने नियमित कर्मचारियों को प्रोडक्शन बंद होने के बावजूद 19 दिन तक ले ऑफ का पैसा दे चुकी है. ऑटोमोबाइल सेक्टर के विशेषज्ञों की माने तो बाजार में लिक्विडिटी यानि तरलता जल्द कम नहीं हुई तो ऑटोमोबाइल सेक्टर में मंदी की मार आने वाले दिनों में और गहरा सकती है.

 

 

 

 

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