कार्तिक पूर्णिमा के दिन लगेगा साल का सबसे लम्बा चंद्रग्रहण, महादान से मिलेगा अनंत फल

जाने आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा

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580 वर्षों में सबसे लंबा आंशिक चंद्रग्रहण 19 नवंबर को होगा और यह पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों से दिखाई देगा। साल 2021 का आखिरी चंद्र ग्रहण 15वीं सदी के बाद सबसे लंबा होगा। भारतीय समयानुसार 19 अक्टूबर को चंद्र ग्रहण सुबह 11 बजकर 34 मिनट से सायंकाल 05 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। साल का पहला चंद्र ग्रहण 26 मई को लगा था और ये साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण हैlआखिरी बार इतना लंबा ग्रहण 18 फरवरी 1440 को लगा था।

चंद्र ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा और सूर्य के बीच में पृथ्वी आ जाती है। जबकि पूर्ण चंद्र ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा और सूर्य पृथ्वी के विपरीत दिशा में होते हैं, आंशिक चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी की छाया का केवल एक हिस्सा चंद्रमा को कवर करता है। इस बीच, जब चंद्रमा पृथ्वी की छाया के फीके पेनुमब्रल हिस्से से होकर गुजरता है, तो एक उपच्छाया चंद्र ग्रहण होता है।

इस चंद्र ग्रहण का सूतक काल नहीं होगा लेक‍िन इसका प्रभाव सभी 12 राश‍ियों पर पड़ेगा
। पंचांग के अनुसार इस ग्रहण पर चंद्रमा वृषभ राशि में विराजमान रहेगा।बता दें क‍ि भारत के लिए यह उपच्छाया ग्रहण है इसल‍िए यहां सूतक मान्य नहीं होगा लेकिन ग्रहों व ग्रहण का राशियों पर प्रभाव पड़ेगा। यह ग्रहण वृष राशि व कृतिका नक्षत्र पर रहेगा।

मेष : स्वास्थ्य में परेशानी रह सकती है। मानसिक चिंता से परेशान रहेंगे। श्री हनुमान जी का उपासना करें।

वृष : धन का आगमन लेकिन व्यय भी होगा। ग्रहण इसी राशि पर रहेगा। स्वास्थ्य सुख भी प्रभावित होगा। हनुमान बाहुक का पाठ करें।

मिथुन : स्वास्थ्य सुख में कमी रहेगी। धन का आगमन हो सकता है। श्री सूक्त का पाठ करें।

कर्क : मानसिक परेशानी रह सकती है। आर्थिक सुख में बाधा रह सकती है। भगवान शिव की उपासना करें।

सिंह : धन की प्राप्ति से ज्यादा व्यय की व्यवस्था बन जाएगी। श्री आदित्यहृदयस्तोत्र का पाठ करें। गेंहू का दान करें।

कन्या : धन की प्राप्ति हो सकती है। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करें।

तुला : धन की प्राप्ति होगी। स्वास्थ्य सुख में कमी रह सकती है। भगवान शिव की उपासना करें।

वृश्चिक : धार्मिक विचार बने रहेंगे। धन की प्राप्ति होगी। स्वास्थ्य खराब हो सकता है। श्री सूक्त का पाठ करें।

धनु : धन का आगमन हो सकता है। धार्मिक यात्रा होगी। श्री विष्णु उपासना करें। अन्न दान करें।

मकर : आर्थिक परेशानी आ सकती है। स्वास्थ्य सुख में कमी रहेगी। भगवान शिव की पूजा करें। तिल का दान करें।

कुंभ : धन की प्राप्ति लेकिन हेल्थ में दिक्कत आ सकती है। कुशोदक से भगवान शिव का रूद्राभिषेक  करें।

मीन : धन का आगमन होगा। धार्मिक यात्रा हो सकती है। हनुमान बाहुक का पाठ करें। उड़द का दान करें।

चंद्रग्रहण का हिन्दू ज्योतिष शास्त्र में बहुत महत्व है। प्रत्येक ग्रहण मनुष्य के व्यक्तिगत जीवन पर बहुत प्रभाव डालता है। ग्रहण से उत्पन्न होने वाली नकारात्मक ऊर्जा आपके जीवन को कष्ट पहुंचाने में समर्थ होती है। प्राचीन भारतीय शास्त्रों में त्वचा को प्रभावित करने वाले चंद्र ग्रहण के कुछ उल्लेख मिलते हैं। जाहिर है, ग्रहण के दौरान मानव शरीर का कफ दोष असंतुलन से गुजरता है। यह दोष मांसपेशियों की वृद्धि, प्रतिरक्षा कार्य और स्थिरता को नियंत्रित करता है। इसलिए, चंद्र ग्रहण त्वचा रोग और अन्य बीमारियों के जोखिम को बढ़ा सकता है। ग्रहण के प्रभाव आपके जीवन के विभिन्न क्षेत्रों को भी प्रभावित करता है। ग्रहण के कारण बहुत सी परेशानियां होती है।

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चंद्रग्रहण पर जरूर करें ये ख़ास दान :

1. चावल – चावल को अक्षत कहते हैं, जिसका संबंध चंद्रमा से होता है। अक्षत का प्रयोग हमेशा शुभ कार्यों से पहले किया जाता है। ग्रहण के बाद आप चावल का दान कर सकते हैं जिससे घर में पैसों की कोई कमी नहीं है।

2. दूध – चंद्र ग्रहण के बाद दूध दान करने से देवी लक्ष्मी और भगवान नारायण की कृपा मिलती है। इसी के साथ शास्त्रों की माने तो दूध का विशेष महत्व चंद्रमा के साथ है।

3. चीनी – चंद्र ग्रहण के बाद चीनी का दान करने से इष्ट देवताओं का आशीर्वाद मिलता है।

4. चांदी – कहा जाता है चंद्र ग्रहण के बाद चांदी का दान बेहद खास होता है। वास्तव में इसके दान से व्यक्ति को तीक्ष्ण बुद्धि और धन के साथ समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

चंद्र ग्रहण पर जरूर करें ये काम :

– हिंदू मान्यता के अनुसार, नकारात्मक ऊर्जा पृथ्वी को घेर लेती है, इसलिए ग्रहण काल में मंत्रों का जाप करने से हानिकारक ऊर्जा तरंगों की ताकत कम हो जाती है।

– तुलसी के पत्तों को बहुत पवित्र माना जाता है। इन पत्तों को भोजन और पानी में रखने से वे किरणों के संपर्क के दुष्प्रभावों से बचेंगे।

– ग्रहण के बाद नहाना या सिर धोना शुभ माना जाता है।

– मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के बाद पवित्र नदी गंगा में स्नान करने से समस्त कष्ट दूर होते है।

– ग्रहण के बाद अनाज, फल, वस्त्र आदि का दान करें क्योंकि इसे समृद्धि प्राप्त करने के लिए शुभ माना जाता है।

गुरु महेश जैन
इंटरनेशनल ज्योतिषाचार्य
राणापुर जिला‌ झाबुआ मध्यप्रदेश
मो.7000098868

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