Indore News होम्योपैथी की इस रामबाण का प्रयोग प्रारम्भिक इलाज में  नहीं करना चाहिये -डाॅ. द्विवेदी

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लोकल इंदौर ३१ जनवरी। इंदौर में शनिवार को लेप्रोसी दिवस के मौके पर गुजराती होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के विषय विशेषज्ञों द्वारा लेप्रोसी बीमारी व होम्योपैथी इलाज के बारे में विद्यार्थियों के प्रति अवेयरनेस को लेकर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया।

इस अवसर परआयुष मन्त्रालय, भारत सरकार में वैज्ञानिक सलाहकार बोर्ड के सदस्य डाॅ. ए.के. द्विवेदी ने कहा कि, रोग लक्षण एवं औषधि लक्षण में जितनी ही अधिक समानता होगी, रोगी के स्वस्थ होने की संभावना भी उतनी ही अधिक रहती है। पुराने और कठिन रोग की चिकित्सा के लिए रोगी और चिकित्सक दोनों के लिए धैर्य की आवश्यकता होती है। वर्षों से जटिल बीमारियों से पीड़ित मरीज जो अन्य चिकित्सा प्रणाली से इलाज कराकर थक जाने के बाद आश लगाये होम्योपैथी इलाज कराने आते हैं। कुछ चिकित्सकों द्वारा इलाज के लिये होम्योपैथी की रामबाण कही जाने वाली सल्फर का प्रयोग करते हैं, जबकि सल्फर का प्रयोग प्रारम्भिक इलाज में  नहीं करना चाहिये।

सेमिनार में   महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. एस.पी.सिंह ने अपने सम्बोधन में बताया कि, होम्योपैथिक दवाइयाँ किसी भी स्थिति या बीमारी के इलाज के लिए प्रभावी हैं। यह चिकित्सा के समरूपता के सिद्धान्त पर आधारित है जिसके अनुसार औषधियाँ उन रोगों से मिलते जुलते रोग दूर कर सकती हैं, जिन्हें वे उत्पन्न कर सकती हैं। होमियोपैथी चिकित्सा पद्धति में चिकित्सक का मुख्य कार्य रोगी द्वारा बताए गए जीवन-इतिहास एवं रोग लक्षणों को सुनकर उसी प्रकार के लक्षणों को उत्पन्न करने वाली औषधि का चुनाव करता है। होम्योपैथी एक सुरक्षित और सौम्य चिकित्सकीय तरीका है, जो कई प्रकार की बीमारियों का प्रभावी उपचार कर सकता है। इसकी आदत नहीं पड़ती है। अर्थात् रोगी को होम्योपैथी दवाओं की लत नहीं लगती है। यह गर्भवती महिलाओं, स्तनपान करोन वाली महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सभी के लिये सुरक्षित है।

डाॅ. कुशल पारिख ने भी अपना विचार व्यक्त किया। सेमिनार में एम.जी.एम. मेडिकल कॉलेज इन्दौर से पी.जी. छात्रा डॉ. शिवानी जैन एवं डॉ. सना आफरीन। क्विज का आयोजन किया, जिसमें सोनू स्वामी, आयुषी जैन, जेनिस शेख आदि विजेता रहे।  कार्यक्रम का संचालन दिव्या भाटी ने किया एवं आभार डॉ. मनोज बगुल ने माना। डाॅ. अनुपम श्रीवास्तव ने राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम सम्पन्न कराया।

ई जटिल बीमारियों से पीड़ित मरीजों का होम्योपैथी से इलाज किया जा रहा है। कार्यक्रम में डॉ. कुशल पारिख ने भी अपना विचार व्यक्त किए। इसके अलावा कार्यक्रम छात्रों के लिए एक क्विज का आयोजन किया गया। जिसमें सोनू स्वामी, आयुषी जैन, जेनिस शेख विजेता रहे। कार्यक्रम का संचालन दिव्या भाटी ने किया एवं आभार डॉ. मनोज बगुल ने माना।

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