किशोर की याद में इंदौर में तीन दिनी आयोजन

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लोकल इंदौर ०१ अगस्त । गायक, अभिनेता किशोर कुमार को नमन करते हुए शहर में उनकी स्मृति में 2 अगस्त से तीन दिनी आयोजन आयोजित होने जा रहा है।

अलग-अलग संस्थाओं द्वारा अलग-अलग स्थानों पर ये कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 2 अगस्त को रवींद्र नाट्यगृह में ‘मुसाफिर हूं यारों…’, 3 अगस्त को आनंद मोहन माथुर सभागृह ‘रिमझिम गिरे सावन…’ और 4 अगस्त को आनंद मोहन माथुर सभागृह में ही ‘तेरे जैसा यार कहां…’ कार्यक्रम आयोजित होगा। इन तीन दिनी संगीतमयी आयोजन में किशोर कुमार के करीब 60 गीत पेश किए जाएंगे। इन आयोजनों में न केवल शहर के गायक गीत पेश करेंगे, बल्कि वादक किशोर कुमार के गीतों की धुनें भी श्रोताओं को सुनाएंगे। गीतों की महफिल में सुनील शर्मा की गायकी में उनका साथ अर्पिता बोबड़े, आंचल सेठी, अनुश्री, शिक्षा शर्मा, निष्ठा कंडारा देंगी। संगीत संयोजन राजेश मिश्रा का रहेगा। इस आयोजन में बांसुरी वादक बलजिंदर सिंह और संतूर वादक मंगेश जगताप भी विशेष प्रस्तुति देंगे।

पाँच रुपया बारह आना वाला गान यूं बना था इंदौर में 

उल्लेखनीय है  कि किशोर कुमार का जन्म 4 अगस्त 1929 को खंडवा में हुआ था .  किशोर कुमार इन्दौर के क्रिश्चियन कॉलेज में पढ़े थे और वे कॉलेज की कैंटीन से उधार लेकर खुद और दोस्तों को भी खिलाया  करते थे । वह ऐसा समय था जब 10-20 पैसे की उधारी भी बहुत मायने रखती थी। किशोर कुमार पर जब कैंटीन वाले के पाँच रुपया बारह आना उधार हो गए और कैंटीन का मालिक जब उनको अपने पाँच रुपया बारह आना चुकाने को कहता तो वे कैंटीन में बैठकर ही टेबल पर गिलास और चम्मच बजा बजाकर पाँच रुपया बारह आना गा-गाकर कई धुन निकालते थे और कैंटीन वाले की बात अनसुनी कर देते थे। बाद में उन्होंने अपने एक गीत में इस पाँच रुपया बारह आना का बहुत ही खूबसूरती से इस्तेमाल किया। शायद बहुत कम लोगों को पाँच रुपया बारह आना वाले गीत की यह असली कहानी मालूम होगी।

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