दो सीएसपी की एक ही झोन पर नजर…. गुस्ताखी माफ़ में नवनीत शुक्ला

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इन दिनों शहर में तीन नए नगर पुलिस अधीक्षक अपनी वापसी में सफल हो गए है। अब इनमें से दो सीएसपी की नजर विजय नगर झोन पर टीक गई है। कारण यह है कि इन दिनों यहां बड़ी तादाद में एडवाइजरी कंपनियां काम कर रही हैं। जो बोरों से रुपया बांट रही है। इनमें ही धोखाधड़ी के मुकदमे भी दर्ज हो रहे है। एक सीएसपी जिन्हें नरोत्तम मिश्रा के करीबी मित्र के रूप में जाना जाता है वे भी यही पहुंचना चाहते है तो वहीं एक अन्य सीएसपी जो पहले भी इंदौर में रह चुके है और नरेन्द्र सिंह तोमर के सौजन्य से वापस इंदौर आने में सफल हो पाए है। कांग्रेस के कार्यकाल में भी उनकी नोटशीट इंदौर आने के लिए बनी थी, परंतु वे सफल नहीं हो पाए। एक अन्य सीएसपी डीजीपी से रिश्तों के चलते इंदौर आ गए है। अब परदेशीपुरा पर भी नजरें है देखना पड़ेगा आने वाले समय में कौन कितना ताकतवर सिद्ध होता है।
सांसद की अपनी ढपली, तीन का अलग खटराग…
इन दिनों शहर के सांसद और आर.के. स्टूडियो के बीच अच्छी खासी दूरी दिखाई देने लगी है। जहां एक होता है वहां दूसरा ग्रुप नहीं पहुंचता है। पिछले दो दिनों में सांसद महोदय अकेले ही अपने कार्यक्रमों में जा रहे है। दो दिन पूर्व भाजपा कार्यालय में दीपोत्सव कार्यक्रम के समय ही उन्होंने अपने घर पर दीप उत्सव रख लिया था। हालांकि उन्हें भाजपा कार्यालय में रहना था। इसी प्रकार राम मंदिर शिलान्यास को लेकर भी भाजपा कार्यालय में रखे कार्यक्रम में वे नहीं आए। वहीं दूसरी ओर आर.के. स्टूडियो के किसी भी कार्यक्रम में अब उन्हें विधिवत निमंत्रण देना बंद हो गया है। अब तीन विधायक सांसद से पूरी तरह दूर है। इसमें क्षेत्र क्रमांक 2, क्षेत्र क्रमांक 3 और 4 अब इनके कार्यक्रमों में सांसद महोदय का मुखड़ा दिखाई नहीं देगा। हम नहीं कह रहे जिन्हें कहना है वे खुद ही कह रहे है।
विभाग की जड़ 2 नंबर…
इन दिनों निगम आयुक्त और उपायुक्त रजनीश कसेरा के बीच पटरी नहीं बैठ रही है। उद्यान विभाग के उपायुक्त जोशी इसी का शिकार बन गए हैं। हालांकि जानकार बता रहे हैं कि क्षेत्र क्रमांक दो की एक महिला पार्षद रही नेता ने दो सौ से अधिक गमले और वृक्ष बुलवाए थे। इसे देने से जोशी ने इंकार कर दिया था और यही उनके निलंबन का कारण भी माना जा रहा है।
और अंत में….
पाकिस्तान से बाघा  बार्डर से एक सिंधी परिवार को विशेष व्यवस्था के तहत भारत लाया गया। बाघा बार्डर से फिर विशेष कारों के साथ यह परिवार इंदौर पहुंचा है। अब कोई खाली हाथ तो आया नहीं होगा लाने वालों ने भी कोई कसर बाकी नहीं रखी होगी। रखी हो तो बता देना।
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