आखिर इंदौर में हुई हथिनी की मौत खबर क्यों छिपाई ?

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लोकल इंदौर। इंदौर  के प्राणी संग्राहलय में  की मौत को ले कर झू प्रबंधन पर उंगली उठाई जाने लगी है जानकारी के  अनुसार प्रबंधन ने हाथिन की मौत की खबर छिपाई थी. हाथिन की मौत २४ दिसंबर को ही हो गयी थी जब की इसकी जानकारी २८ दिसंबर को बाहर आई। पोस्टमार्टम के बाद   डालकर कललक्ष्मी को दफना दिया गया।  इसकी शिकायत केंद्रीय ज़ू अथॉरिटी को भी की गयी है सूत्रों के अनुसार चिड़िया घर में १० फ़ीट गहरा गड्ढा  खोद कर उसे दफनाया गया है।

१४ दिसंबर को हुई थी घायल 

हाथिन लक्ष्मी को हाथी मोती ने अपने दांत से घायल  कर दिया था। मोती के दांतों से उसे गहरा घाव लगे थे इतना ही नहीं मोती उसे  करीब २० फ़ीट तक   घसीट कर ले गया  था  इससे उसका अधिक खून बह  गया   था। प्राम्भिक उपचार में उसके गुर्दे में चोट लगने की बात  सामने आई थी.

2016  में किया था रेस्क्यू 

लक्ष्मी को उज्जैन के सिंहस्थ 2016  में एक साधू से  रेस्क्यु  कर इंदौर के प्राणी संग्राहलय में लाया गया था।  जख्मी हालत में पाई गई इस हथिनी को प्रशासन ने रेस्क्यू कर के चिड़ियाघर में रखा था।जहां इलाज के यह ठीक हो गयी थी और उसे यहां एक हाथी  के साथ रखा गया था ताकि  इनका कुनबा बढ़ सके।

 

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